Siliguri Corridor: परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर, अमित शाह ने दिया 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' का सुरक्षा रोडमैप
Siliguri Corridor: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर के संबंध में एक सुरक्षा बैठक की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी समेत कई बड़े अधिकारी शामिल रहे।
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Siliguri Corridor: शनिवार, (22 अगस्त) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर के संबंध में एक अहम सुरक्षा बैठक की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से लेकर कई नेता और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल रहे।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर बैठक में अमित शाह ने कहा कि भारत के संविधान के दायरे में रहते हुए पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का जल्द ही "स्थायी" राजनीतिक समाधान निकाला जाएगा। इस दौरान उन्होंने संबंधित सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे सिलीगुड़ी कॉरिडोर में अपने और संस्थान खोलकर अपनी मौजूदगी बढ़ाएं।
संबंधित सभी एजेंसियों मौजूदगी बढ़ाने का दिया निर्देश
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को संबंधित सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे सिलीगुड़ी कॉरिडोर में अपने और संस्थान खोलकर अपनी मौजूदगी बढ़ाएं, इसे अतिक्रमण से मुक्त रखें और इस इलाके में अवैध घुसपैठ रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं। यह 60 किलोमीटर लंबा और 22 किलोमीटर चौड़ा इलाका है, जिसे आम बोलचाल में 'चिकन्स नेक' कहा जाता है और यह भारत के आठ पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।
सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स के ढांचे को मजबूत करने का आग्रह किया
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार से सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सिविल डिफेंस और होम गार्ड्स के ढांचे को मजबूत करने का भी आग्रह किया। सीमा सुरक्षा के नजरिए से यह कॉरिडोर रणनीतिक रूप से बहुत अहम है, क्योंकि यह दक्षिण और पश्चिम में बांग्लादेश और उत्तर में तिब्बत (चीन) के बीच स्थित है और भारत के पड़ोसी देशों नेपाल, बांग्लादेश और भूटान से भी जोड़ता है।
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अमित शाह ने स्थायी समाधान का दिया भरोसा
सिलीगुड़ी कॉरिडोर बैठक में अमित शाह ने वादा किया कि भारत के संविधान के दायरे में रहते हुए पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का जल्द ही "स्थायी" राजनीतिक समाधान निकाला जाएगा और सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार से पर्याप्त फंड भी दिया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने समाधान की प्रक्रिया और तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए पूर्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का भी प्रस्ताव रखा। बैठक में, गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा के लिए 'क्वाड्रैंगुलर अप्रोच' (चौ-तरफा दृष्टिकोण) की अवधारणा पर जोर दिया और सभी एजेंसियों को इसे पूरी तरह से लागू करने का निर्देश दिया।