धार्मिक दिखना चाहते हैं तो सिर्फ 500 रुपये लगेंगे और होना चाहते हैं तो जिंदगी, च्वाइस आपकी है- सनातन पर बोले स्वामी दिपांकर
'आध्यात्म से आरंभ' में स्वामी दिपांकर जी महाराज अैर आचार्य लोकेश मुनि ने अपनी बात रखी। युवा पीढ़ी आध्यात्म से क्या शुरू कर सकती है? इस सवाल पर स्वामी दिपांकर ने कहा, 'युवा पीढ़ी और आध्यात्म एक दूसरे के पूरक हैं।'
- भारत
- 2 min read

रिपब्लिक भारत के कार्यक्रम नए भारत का शंखनाद 'संवाद' का आगाज हो गया है। कवि और गीतकार आलोक श्रीवास्तव और भजन गायिका स्वाति मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के एक सेक्शन 'आध्यात्म से आरंभ' में स्वामी दिपांकर जी महाराज अैर आचार्य लोकेश मुनि ने अपनी बात रखी। युवा पीढ़ी आध्यात्म से क्या शुरू कर सकती है? इस सवाल पर स्वामी दिपांकर ने कहा, 'युवा पीढ़ी और आध्यात्म एक दूसरे के पूरक हैं।'
उन्होंने कहा कि एक मात्र धर्म है और वो है आध्यात्म। अब आपको तय करना है कि आपको धार्मिक दिखना है या धार्मिक होना है। अगर सिर्फ धार्मिक दिखना चाहते हैं तो मात्र 500 रुपए लगेंगे और अगर होना चाहते हैं तो पूरी जिंदगी लग जाएगी।
आचार्य लोकेश मुनि ने क्या कहा
वहीं इस मुद्दे पर आचार्य लोकेश मुनि जी ने कहा कि धर्म के तीन आयाम है। उपासना, नैतिकता और आध्यात्म। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म से दूर नहीं हैं। बस जरूरत है धर्म को आध्यात्म से जोड़ा जाए। मौजूदा युग की यही तो कठिनाई है कि उन्होंने धर्म को सिर्फ उपासना से जोड़ दिया। ऐसे में युवाओं को नैतिकता और आध्यात्म से जुड़ना होगा।
इस आयोजन को सफल बनाने में हमारे सहयोगी संस्थानों का विशेष योगदान रहा, हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
Advertisement
Powered By: Canara HSBC life insurance - Promises ka Partner
Driven By: Maruti Suzuki
Advertisement
Nutrition Partner: NECC
State Partner: उत्तराखंड शासन
Associate Partners:
Rudralife- Rudraksha power for you.
And: Cash gold- Cash Hai Toh Aish Hai