संसद की कार्यवाही होगी हंगामेदार! विपक्ष नीट मामले पर घेरेगा तो सरकार के पास भी काउंटर प्लान तैयार
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आज धन्यवाद प्रस्ताव रखा जाएगा।हंगामे की आशंका है।नीट पर विपक्ष के तेवर को कैसे डील करना है इसकी तैयारी केंद्र सरकार ने पूरी कर ली है।

Parliament Today: धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हंगामे की आशंका पूरी है। विपक्ष लामबंद है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सदन में जाने से पहले प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे। इसके केंद्र में नीट (NEET) यूजी परीक्षा 2024 में हुई कथित अनियमितताओं का जिक्र होगा। कांग्रेस की अगुवाई में INDIA गठबंधन लोकसभा और राज्यसभा में NEET विवाद पर स्थगन प्रस्ताव ला सकती है। इंडी ब्लॉक की मंशा को भांपते हुए सरकार ने भी काउंटर करने का मन बना लिया है।
नीट मामले को लेकर पूरे देश के युवा आक्रोशित हैं। पेपर लीक से लेकर ग्रेस मार्क्स मामले को लेकर छात्र सड़क पर उतर प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में 41 याचिकाएं भी दायर की गई हैं। जिसमें 'फिजिक्सवाला' के फाउंडर अलख पांडेय का याचिका भी शामिल है।
सरकार तैयार, राष्ट्रपति के संबोधन से समझें
गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र में नीट (NEET) पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा- सरकार 'नीट पेपर लीक' में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है...हाल ही में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक से सख्ती से निपटा जा रहा है, सरकार का ध्यान परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर है।' उनकी इस बात ने ही जता दिया कि सरकार इस मसले पर गंभीर है और बचने की कोशिश में नहीं बल्कि बहस को भी रेडी है।
क्या है प्लानिंग?
सूत्रों की मानें तो NEET मुद्दे की जांच CBI के हाथों में सौंपने से लेकर स्पेशल कमिटी बनाने तक जिस तरह की कार्रवाई की गई है उसे पटल पर रख सकती है। इससे पहले ही सरकार एंटी पेपर लीक कानून लागू कर चुकी है जिससे स्पष्ट है कि सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान है तो ये भी साफ है इससे एक मजबूत एजुकेशन सिस्टम की नींव रखने का जज्बा पूरा है।
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जानकारी के अनुसार विपक्ष ने चर्चा के दौरान पेपर लीक का मुद्दा उठाया तो हस्तक्षेप करते हुए केन्द्रीय शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जवाब देने के लिए आगे आ सकते हैं।
समझें नीट यूजी विवाद
NTA ने 5 मई को NEET-UG परीक्षा करवाई थी। परीक्षा में कुल 24 लाख छात्र शामिल हुए। कुछ सेंटर्स पर पेपर ठीक समय पर नहीं बंटे तो कोर्ट के तैयार फॉर्मूले के तहत ग्रेस मार्क्स बांटे गए। नतीजतन इस साल रिकॉर्ड 67 कैंडिडेट्स ने परफेक्ट स्कोर संग टॉप किया। स्टूडेंट्स का आरोप है कि कई कैंडिडेट्स के मार्क्स प्लान के तहत घटाए और बढ़ाए गए हैं।