Holi 2025: Republic का मंच 'केसरिया रंगों का धमाल', उस पर कवियित्री अनामिका अंबर जैन ने कविताओं से बांधा समां

रिपब्लिक के मंच पर कवियित्री अनामिका अंबर जैन ने अपनी कविताओं से विपक्षी दलों पर भी सियासी तंज कसते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ भी कर दी।

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anamika jain amber poem
Republic का मंच 'केसरिया रंगों का धमाल', उस पर कवियित्री अनामिका अंबर जैन ने कविताओं से बांधा समां | Image: Republic

Holi 2025: पूरे देश में होली की धूम है ऐसे मौके पर भला रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क कैसे होली के जश्न पर शांत रह सकता था। होली के मौके पर रिपब्लिक भारत ने एक कार्यक्रम होली पर'केसरिया रंगों का धमाल' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के मेरठ से सांसद और रामानंद सागर के धारावाहिक रामायण में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवंत किरदार को निभाकर उसे अमर बनाने वाले अरुण गोविल, मशहूर देशभक्त कवियित्री अनामिका अंबर जैन,उपन्यासकार और हास्य अभिनेता शंभू शिखर, कवि कौशल कौशलेन्द्र, हास्य कवि नीर गोरखपुरी और मशहूर गजलकार दीक्षित दनकौरी ने अपने-अपने फनों से मंच पर समां बांध दिया।


'केसरिया रंगों का धमाल' कार्यक्रम के दौरान रिपब्लिक नेटवर्क के मंच पर कवियित्री अनामिका अंबर जैन ने अपने फागुन के गीतों से जोरदार समा बांध दिया। फागुन के महीने में होली के त्योहार के उत्साह को देखते हुए उन्होंनो होली मनाने वालों को अपनी कविता से मंत्रमुग्ध करते हुए ये लाइनें गाईं।  फागुन का मौसम आया है मिलकर रंग लगाना... नफरत को जो ध्वस्त करे वो प्रेम ढूंढ कर लाना... जोगीरा सारारारारा... जोगीरा सारारारारा...  वहीं इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे पतियों को होली के मौके पर चुटीली कविताओं से हंसने पर मजबूर करते हुए ये लाइनें बोलीं तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। रंग-बिरंगे उपवन में जो देखी सुंदर मैना... अच्छा कई बार क्या होता है कि किसी मोहल्ले में अगर कोई सुंदर सी पड़ोसन आ जाए तो फिर मोहल्ले के कुछ पतियों का हाल क्या होता है? तब... रंग-बिरंगे उपवन में जो देखी सुंदर मैना... प्रेम नगर के सारे तोते लेकर आ गए लेकर सेना... बोलो सारारारारा... जोगीरा सारारारारारा... घर में बैठी चंद्रमुखी की नहीं प्रशंसा करते... कोई कलमुहीं जो हंस दे तो ठंडी आहें भरते... जोगीरा सारारारारारा...


कविता से कसे विपक्षी दलों पर सियासी तंज, सीएम योगी की तारीफ

वहीं इस दौरान उन्होंने अपनी कविताओं से विपक्षी दलों पर भी सियासी तंज कसते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए आगे की लाइनों में कहा, साइकिल वाइकिल पंजा वंजा जोर-जोर से भागे... बैठ के बुलडोजर पर बाबा निकले सबसे आगे... जोगीरा सारारारा... इसके बाद उन्होंने एक और कविता सुनाई जिससे कि पूरा हाल तालियों से गूंज उठा, मेरे अंदाज को अपना जरा अंदाज दे देना... चली आउंगी सब छोड़कर जरा आवाज दे देना.... तुम्हारे ही लिए ये गीत ये गजलें लिखी हैं मैंने.... सुनाती हूं तुम्हें तुम तालियों का साज दे देना... फूलों वाले रंग हो अबके और गंगा का पानी हो... हर लड़का हो श्याम सलोना लड़की राधा रानी हो... रंग बिरंगी होली आई लेकर ये पैगाम सुनो... तीन रंग में रंगे ये धरती हर दिल हिन्दुस्तानी हो...  


अरुण गोविल ने भी कार्यक्रम में की शिरकत, बोले-मेरठ रावण की ससुराल हुआ करती थी अब राम का घर है

वहीं इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए मेरठ के सांसद और रामानंद सागर कृत धारावाहिक रामायण में भगवान श्री राम का जीवंत किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने कहा कि यह सच है कि मेरठ रावण की ससुराल है,लेकिन वो होती थी अब राम का घर है। मेरे लिए मेरठ में काम करना आसान हो जाता है। मेरा जन्म मेरठ में हुआ है, 22 साल की उम्र तक मैं मेरठ में ही रहा हूं। हालांकि कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के कारण मुझे बाहरी कहा लेकिन लोगों का प्यार था उससे मेरी जीत हुई और में वहां का सांसद बन गया। सांसद होने के नाते जो सम्मान मिलता है वो तो सभी को मिलता है लेकिन उनके मन में मेरी जो छवि है, उसका फायदा ये है कि वो मेरी बात मान जाते हैं। आम जनमानस मेरी बात मानता है और ठीक से सुन लेता है। 

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Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड