HMPV VIRUS: देश में HMPV वायरस की पुष्टि होने वाले दोनों बच्चों की ट्रैवल हिस्ट्री आई सामने, जानिए कैसी है उनकी हालत

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कर्नाटक में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामलों की पुष्टि की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
COVID-19
HMPV VIRUS: देश में HMPV वायरस की पुष्टि होने वाले दोनों बच्चों की ट्रैवल हिस्ट्री आई सामने, जानिए कैसी है उनकी हालत | Image: Shutterstock

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कर्नाटक में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामलों की पुष्टि की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि तीन महीने की बच्ची को ‘ब्रोंकोन्यूमोनिया’ की शिकायत थी और उसे बेंगलुरु के बैपटिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसके एचएमपीवी से संक्रमित होने का पता चला था। उसे पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

मंत्रालय ने रेखांकित किया कि…

‘ब्रोन्कोन्यूमोनिया’ से पीड़ित आठ महीने के एक शिशु को तीन जनवरी को बैपटिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद जांच में उसके एचएमपीवी से संक्रमित होने का पता चला। बताया जाता है कि शिशु के स्वास्थ्य में अब सुधार है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि यह ध्यान देने वाली बात है कि दोनों मरीजों का कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा का इतिहास नहीं है।

मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि एचएमपीवी का संक्रमण पहले से ही भारत सहित कई देशों में फैल रहा है तथा विभिन्न देशों में इससे संबंधित श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले सामने आए हैं। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, आईसीएमआर और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) नेटवर्क के वर्तमान आंकड़ों के आधार पर यह पता चलता है कि देश में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) या गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है।

मंत्रालय ने कहा कि वह सभी उपलब्ध निगरानी माध्यमों के जरिए स्थिति पर नजर रख रहा है और आईसीएमआर पूरे साल एचएमपीवी संक्रमण के रुझानों पर नजर रखेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पहले से ही चीन में स्थिति के बारे में समय समय पर अद्यतन सूचनाएं दे रहा है ताकि संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में और अधिक जानकारी मिल सके।

Advertisement

मंत्रालय ने कहा कि देश भर में हाल में की गई तैयारियों से पता चलता है कि भारत श्वसन संबंधी बीमारियों में किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय तुरंत लागू किए जा सकते हैं। पिछले कुछ हफ्तों में चीन में श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ते मामलों की खबरों के बीच शनिवार को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह (जेएमजी) की बैठक हुई।

ये भी पढ़ें - BREAKING: प्रशांत किशोर को पटना सिविल कोर्ट से मिली बेल

Advertisement

(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Garima Garg
पब्लिश्ड