टूटी चूड़ी, धुला महावर, रूठा कंगन हाथों का... विनय नरवाल के शव से लिपट कर रोईं हिमांशी; सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
Pahalgam Terror Attcak: पहलगाम आतंकी हमले में शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का राजकीय सम्मान अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास करनाल में किया गया।
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Pahalgam Terror Attcak: पहलगाम आतंकी हमले में शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का राजकीय सम्मान अंतिम संस्कार उनके पैतृक निवास करनाल में किया गया। वंदे मारतम, जय हिंद और विनय नरवाल अमर रहे के नारों के बीच उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल अंतिम संस्कार ने सभी को भावुक कर दिया, जब उनकी पत्नी पार्थिव शरीर के पास पहुंची तो वह विनय के शव से लिपट-लिपटकर रोने लगीं।
इस दौरान विनय की पत्नी हिमांशी ने कहा, "विनय एक बेहतरीन इंसान थे। मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। वह जहां भी हों, उनका जीवन बेहतरीन हो, और हम उन्हें हर तरह से गौरवान्वित महसूस कराएंगे....उनकी वजह से ही हम सब अभी भी जीवित है... हमें हर तरह से उन पर गर्व होना चाहिए।"
हिमांशी को अपने पति की बहादुरी पर गर्व है, पूरा हरियाणा और देश लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को नमन कर रहा है लेकिन पत्नी हिमांशी के दिल में जो उमड़ रहा होगा, उस पर डॉ. हरिओम पवार की ये पंक्तियां बिल्कुल सही बैठती हैं।
"टूटी चूड़ी, धुला महावर, रूठा कंगन हाथों का,
कोई मौल नहीं दे सकता बासंती जज्बातों का।"
हफ्तेभर पहले हुई थी शादी
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बता दें, लेफ्टिनेंट विनय नरवाल अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हफ्तेभर पहले ही शादी के बंधन में बंधे थे। शादी के बाद रीति-रिवाजों को पूरा कर विनय अपनी नई दुल्हनियां के साथ हनीमून पर कश्मीर पहुंचे थे। लेकिन किसे पता था कि ये नवजोड़ा वापस घऱ नहीं जा पाएगे। उन्हें नहीं पता था कि हिमांशी को अकेले ही वापस आना पड़ेगा।
हाथों में लाल चूड़ा और सामने पति की लाश...
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हिमांशी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। फोटो में हिमांशी हाथों में लाल चूड़ा पहने पति की लाश के सामने बेसुध होकर बैठी हैं। वहीं कुछ दूरी पर एक और लाश पड़ी है।
वहीं विनय के हरियाणा वाले घर पर मातम पसरा हुआ है।