अपडेटेड 21 March 2026 at 18:36 IST

हिमाचल में गहराया आर्थिक संकट तो सरकार ने लिया बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री और मंत्रियों समेत सरकारी अफसरों और जजों के वेतन पर चली कैंची

Himachal Budget: हिमाचल प्रदेश की डगमगाती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने और अपने सहयोगियों के वेतन पर धारदार कैंची चला दी है। सरकार ने कई विभाग के सरकारी आला अधिकारियों की सैलरी भी आंशिक रूप से कम की है।

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Himachal Pradesh CM Sukhvinder Singh Sukhu
हिमाचल में गहराया आर्थिक संकट तो सरकार ने लिया बड़ा फैसला | Image: Facebook

CM Sukhvinder Singh Sukhu: हिमाचल प्रदेश बजट सत्र में राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है। राज्य की डगमगाती अर्थव्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों आला अधिकारियों और जिलों के न्यायाधीशों का वेतन आंशिक रूप से कम किया गया है। 

हिमाचल बजट सत्र के दौरान प्रदेश की चरमराती अर्थव्यवस्था को देखते हुए मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत, मंत्रियों के वेतन का 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन का 30 प्रतिशत अस्थाई रूप से कम किया गया है। इसके अलावा, जिलों के न्यायाधीशों के वेतन का 20 प्रतिशत पर भी कम किया गया है। वहीं, आगामी 6 महीने के लिए पूरे वेतन पर रोक लगाई गई है।

प्रदेश के इन कर्मचारियों के लिए राहत

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत, मंत्रियों के वेतन का 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन का 30 प्रतिशत अस्थाई रूप कम किया गया है। इसके अलावा, जिलों के न्यायाधीशों के वेतन का 20 प्रतिशत पर भी रोका गया है। सीएम ने साफ किया कि यह कटौती सिर्फ बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों के लिए हैं। सीएम ने यह भी साफ किया कि थर्ड और फोर्थ क्लास (तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी) के सभी कर्मचारियों को उनका पूरा वेतन समय पर मिलता रहेगा।

इन अधिकारियों की भी सैलरी में कटौती

सैलरी कटौती में राज्य के अन्य कई विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। सीएम ने कहा चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन और सलाहकारों के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा भी इसी अवधि के लिए डिफर किया जाएगा। इसके अलावा, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव और सभी प्रधान सचिवों के वेतन का 30 प्रतिशत डिफर किया जाएगा। पुलिस विभाग में डीजीपी (DGP) और एडीजीपी (ADGP) स्तर के अधिकारियों का 30 प्रतिशत वेतन डिफर किया जाएगा।

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देनदारी करीब 13,000 करोड़ पहुंची

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट सत्र के दौरान जानकारी दी कि पिछली सरकारों के समय से चली आ रही वेतन और पेंशन की देनदारियां अब बढ़कर करीब 13,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई हैं। आगे उन्होंने कहा 'यह फैसला अस्थाई है। जैसे ही राज्य की आर्थिक स्थिति पटरी पर आएगी, रोकी गई पूरी राशि वापस कर दी जाएगी।'

हिमाचल में कम हुआ बजट का आकार

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। प्रदेश का बजट पिछले बजट से कम रहा है। सीएम सुक्खू ने इस वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जबकि पिछली बार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 58514 करोड़ का बजट पेश किया था। यानी, दोनों के बीच 3586 करोड़ रुपये का अंतर है।

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 21 March 2026 at 18:33 IST