Rain Alert: उत्तराखंड में तबाही... 7 लोगों की मौत और 172 सड़कें बंद, यूपी-झारखंड में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी

देश के कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। उत्तराखंड में बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर 172 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं।

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Rain Alert: उत्तराखंड में तबाही... 7 लोगों की मौत और 172 सड़कें बंद, यूपी-झारखंड में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी
Rain Alert: उत्तराखंड में तबाही... 7 लोगों की मौत और 172 सड़कें बंद, यूपी-झारखंड में फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी | Image: Meta AI

देश के कई राज्यों में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रहे भूस्खलन, नदियों के उफान और जलभराव के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड में मौसम के कहर से न सिर्फ करोड़ों लोग प्रभावित हुए हैं, बल्कि कई लोगों की जान भी चली गई है। प्रशासन और सुरक्षा बल राहत एवं बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।

नदियां उफान पर और 172 से ज्यादा सड़कें बंद

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण स्थिति बेहद डरावनी हो गई है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, नैनीताल और पौड़ी समेत कई जिलों में जनजीवन ठप है। राज्य में लैंडस्लाइड के कारण 172 से अधिक सड़कें और मुख्य हाईवे बंद पड़े हैं, जिन्हें खोलने के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।गौला नदी और खकरा नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। खटीमा के वनगांव में दर्जनों परिवार फंस गए, जिन्हें राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। नैनीताल के रानीबाग में गौला नदी के तेज बहाव में अंतिम संस्कार के लिए रखे शव और चिताएं तक बह गईं।

अल्मोड़ा में दर्दनाक मौतें 

अलग-अलग हादसों में मलबे में दबने से 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। केदारनाथ यात्रा को सोनप्रयाग में एहतियातन रोक दिया गया है। वहीं, हालात को देखते हुए नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।

गंगा और मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर

मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश की नदियां विकराल रूप ले चुकी हैं। गंगा नदी कई जगहों पर खतरे के निशान को पार कर चुकी है। वाराणसी में मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट डूबने के बाद लोगों को छतों और गलियों में अंतिम संस्कार करने पड़ रहे हैं।

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 गाजीपुर और सीतापुर में डूबने और दीवार गिरने से दर्दनाक मौतें हुई हैं।बलिया में गंगा का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं, जिनके लिए 47 नावें लगाई गई हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपर बह रही है, जहां लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।

झारखंड के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट

पूर्वी भारत के राज्य झारखंड में भी भारी बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने गढ़वा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा समेत 10 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में सबसे ज्यादा 217 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियां उफान पर हैं। बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

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Published By:
 Aarya Pandey
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