Uttarkashi Cloudburst: CM धामी के निर्देश के बाद अलर्ट मोड में स्वास्थ्य विभाग, अस्पतालों में बेड किए जा रहे हैं रिजर्व
उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। सीएम धामी ने स्वास्थ्य विभाग विभाग को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है, साथ ही अस्पतालों में प्रभावितों के लिए बेड आरक्षित किए जा रहे हैं।
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उत्तरकाशी के धराली गांव में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। करीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, मगर बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता है। वहीं, मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के सभी बड़ी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिया है। वहीं, आपदा प्रभावितों के लिए हॉस्पिटल में बेड आरक्षित किए जा रहे हैं।
उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने की घटना पर NDRF के DIG मोहसिन शहीदी ने कहा, ITBP, SDRF, BRO की टीम वहां पर मौजूद हैं और काम कर रहे हैं। वहां पर राहत शिविर लगाए गए हैं। करीब 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और लोगों का खोज जारी है। अभी जो सूचना मिली है कि 4 शव बरामद हुए हैं। 100 से ज्यादा लोग घायल या लापता हो सकते हैं। अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है स्थानीय प्रशासन से इसकी सूचना मिलनी बाकी है।
उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद प्रभावितों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज समय पर मिल सके। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं, ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्र से लाए गए घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
किस अस्पताल में कितने सीटें हैं आरक्षित
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल, देहरादून
- 150 जनरल बेड
- 50 ICU बेड
कोरोनेशन जिला चिकित्सालय, देहरादून
- 80 जनरल बेड
- 20 ICU बेड
एम्स, ऋषिकेश
- 50 जनरल बेड
- 20 ICU बेड
इन अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और दवा आपूर्ति की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है। सभी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष तौर पर तीन मनोचिकित्सकों को धराली क्षेत्र में तैनात किया है, ताकि जरूरतमंदों को तत्काल काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके।उन्होंने बताया कि इन डॉक्टरों की टीम स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में काम करेगी और राहत शिविरों में जाकर लोगों से संवाद भी करेगी।
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स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में
स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा को भी चौबीसों घंटे एक्टिव मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यह एक संवेदनशील समय है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति इलाज से वंचित न रह जाए। स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।