Hathras: भगदड़ से सेवादारों की धक्कामुक्की, चश्मदीदों की आंखों देखी तक...CM योगी ने हर पहलू को बताया

Hathras: हाथरस की घटना पर CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मृतकों में यूपी के अलावा हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोग भी शामिल हैं। यूपी के 16 जिले के लोग थे।

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CM Yogi Adityanath left for Hathras
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हाथरस में प्रेस कॉन्फ्रेंस | Image: ANI/File

Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ के दौरान 121 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का जायजा लिया है। मुख्यमंत्री योगी हाथरस पहुंचे और उन्होंने पीड़ित लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को लेकर कहा कि मृतकों में यूपी के अलावा हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के लोग भी शामिल हैं। यूपी के 16 जिले के लोग थे, जो हादसे का शिकार हुए हैं। 121 में से 6 लोग वो हैं, जो दूसरे राज्यों से हैं। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि 31 लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये सभी लोग खतरे से बाहर हैं।

हाथरस की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि 'जब मैंने चश्मदीदों से आज बात की है, तो उनमें से ज्यादातर कह रहे हैं कि हादसा कार्यक्रम के दौरान हुआ। जब कार्यक्रम संपन्न हुआ तो कथावाचक के बाहर निकलने के दौरान उन्हें छूने के लिए महिलाओं का दल बढ़ा तो उनके पीछे-पीछे काफी भीड़ चली गई। इसी के बाद वो एक दूसरे के ऊपर चढ़ते चले गए। सेवादार भी लोगों को धक्का देते रहे, जिससे जीटी रोड के दोनों ओर ये हादसा होता हुआ दिखाई दिया।'

'घटना के बाद ज्यादातर सेवादार भाग गए'

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना में दुखद ये था कि कार्यक्रम में सेवादार प्रशासन को अंदर घुसने नहीं देते हैं। दुर्घटना होने के बाद या दुर्घटना के दौरान शुरुआत में इन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने अस्पताल ले जाने की कार्रवाई तो ज्यादातर सेवादार वहां से भाग गए।

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'एडीजी आगरा की अध्यक्षता में SIT गठित'

सीएम योगी ने बताया कि एडीजी आगरा की अध्यक्षता में हमने एसआईटी गठित की है, जिसने प्रारंभिक रिपोर्ट दी है। इस घटना की तहत में जाने के लिए कहा गया है। बहुत सारे ऐसे पहलू हैं, जिनकी जांच जरूरी है। अब तक हमारी पहली प्राथमिकता था कि राहत और बचाव के काम को आगे बढ़ाने के साथ आयोजकों को पूछताछ के लिए बुलाना, हादसों के कारणों के बारे में पूछताछ और घटना के लिए लापरवाही और जिम्मेदारी तय करना शामिल है। एफआईआर पहले ही दर्ज कर ली गई है। अब कार्रवाई आगे बढ़ रही है।

घटना की न्यायिक जांच भी कराई जाएगी- CM योगी

उन्होंने कहा कि इस बात को हम अस्वीकार नहीं कर सकते हैं कि ये घटना सिर्फ हादसा नहीं हो सकता है, हादसा भी है तो इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। अगर ये हादसा नहीं तो ये साजिश किसकी है? कौन इसके पीछे है? इन पहलुओं को लेकर सरकार ने तय किया है कि एक न्यायिक जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराई जाएगी। इसमें प्रशासन और पुलिस के भी रिटायर्ड अधिकारी भी शामिल होंगे। सीएम योगी ने कहा कि घटना की तह में जाकर, जो भी जिम्मेदार होगा, उन्हें इसकी सजा देना और ऐसी घटना दोबारा ना हो, इसके बारे में एक सुझाव और एसओपी बनाए जा सके, ये सुनिश्चित करेंगे।

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Published By:
 Amit Bajpayee
पब्लिश्ड