Harish Rana: खाना-पानी बंद होने के बाद क्या थम जाएगी हरीश राणा की सांसे? जानें जीवन त्याग करने में कितना लग सकता है समय

हरीश राणा 13 सालों के असहनीय कष्ट से अब मुक्ति पाने वाले हैं। उनके शरीर से लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में जानते हैं खाना-पानी बंद होने के बाद भी हरीश को जीवन त्याग करने में कितना समय लग सकता है।

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Harish rana passive euthanasia
खाना-पानी बंद होने के बाद क्या थम जाएगी हरीश राणा की सांसे? | Image: X

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में हरीश राणा की निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है। यह भारत में पहला ऐसा मामला है, जिसमें स्थायी वेजिटेटिव स्टेट में रहे मरीज के जीवनरक्षक उपचार को हटाने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई है। इसके लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है, जिसकी देखरेख में हरीश के शरीर से लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया जारी है। जानते हैं इस प्रक्रिया के बाद हरीश को जीवन त्याग करने में कितना समय लग सकता है।

गाजियाबाद के 33 साल के हरीश राणा 13 सालों के असहनीय कष्ट से अब मुक्ति पाने वाले हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार (14 मार्च) हरीश राणा को दिल्ली के AIIMS लाया गया था। एम्स के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में वो भर्ती हैं। मिली जानकारी के अनुसार हरीश राणा को आज, 17 मार्च से पानी भी देना बंद कर दिया जाएगा। उन्हें कोई ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया जा रहा है। पहले हरीश को ट्यूब के सहारे भोजन जा रहा था, जिसे भी बंद कर दिया गया है।

अब तक हरीश की शरीर से इन लाइफ स्पोर्ट सिस्टम को हटाया गया 

  • सांस लेने और खाने की पाइप (PEG ट्यूब) पहले ही हटाई जा चुकी है 
  • अब पोषण बंद किया जा रहा है।  
  • मंगलवार,17 मार्च से पानी देना भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है।  
  • ट्यूब को निकाला नहीं जाएगा, बल्कि कैप लगाकर बंद कर दिया जाएगा।  
  • कोई ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया जा रहा है।  

डॉक्टरों की निगरानी में पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया जारी

पूरी प्रक्रिया डॉक्टरों की निगरानी में चल रही है, जिसमें हरीश के पेन मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि उसको कोई कष्ट न हो। AIIMS के डॉक्टरों की टीम हरीश राणा की हर धड़कन और नब्ज पर मॉनिटरिंग के जरिए लगातार नजर रख रही है। हरीश के लिए जिस मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है, उसमें पैलिएटिव केयर, न्यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया और अन्य विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हैं। टीम की अगुवाई डॉ सीमा मिश्रा कर रही हैं।

जीवन त्याग करने में कितना लग सकता है समय

अब लोगों के मन में कई सवाल उठ रहाें हैं, क्या खाना-पानी बंद होने के बाद हरीश की सांसे थम जाएगी? उसके शरीर से लाइफ सपोर्ट हटाने के बाद क्या वो सांस ले पाएगा? इस हालत में किसी व्यक्ति को जीवन त्याग करने में कितना समय लग सकता है? बता दें कि डॉक्टरों के मुताबिक, खाना-पानी बंद होने के बाद व्यक्ति की शारीरिक क्षमता के आधार पर औसतन 10 दिन तक जीवित रह सकता है, जबकि कुछ मामलों में यह अवधि दो सप्ताह तक भी हो सकती है। प्रक्रिया में 2-3 सप्ताह भी लग सकते हैं। कुछ हालातों में यह तुरंत भी संभव है। 

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कैसे इस हालात में पहुंचे हरीश

बता दें कि साल 2013 में एक हादसे ने हरीश राणा और उनके परिवार की खुशियां हमेशा-हमेशा के लिए छीन ली। हरीश राणा उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे। उनकी गिनती होनहार छात्रों में होती थी। यूनिवर्सिटी के पास पीजी की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उन्हें शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। सिर की चोट की वजह से 100% क्वाड्रिप्लेजिया हो गया। पिछले 13 साल से राणा क्वाड्रिप्लेजिया (चारों अंगों का लकवा) से पीड़ित हैं।

हर मुमकिन इलाज के बाद भी हरीश राणा ठीक नहीं हो पाए। बेटे के पिछले 13 सालों से हर दिन तड़पते देख माता-पिता भी टूट गए थे। अंत में उन्होंने दिल पर पत्थर रखते हुए बेटे को इस पीड़ा से मुक्ति देने का कठोर फैसला लिया। कोर्ट में अर्जा दायर कर बेटे की मुक्ति के लिए इजाजत मांगी। 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड