हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, 2 प्रत्याशियों के नामांकन पहले ही हो गए थे रद्द

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि तक किसी अन्य उम्मीदवार द्वारा पर्चा दाखिल न किए जाने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनके चयन की औपचारिक घोषणा की और उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंपा।

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हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, 2 प्रत्याशियों के नामांकन पहले ही हो गए थे रद्द
हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित, 2 प्रत्याशियों के नामांकन पहले ही हो गए थे रद्द | Image: ANI

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी अब देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भाजपा  केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर हुए उपचुनाव के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था।

नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद, निर्वाचन अधिकारी उमेश शर्मा ने आधिकारिक तौर पर चुनाव परिणाम की घोषणा की। पुरी की तरफ से उनके अधिकृत प्रतिनिधि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इस खास मौके पर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और विधायक रामेश्वर शर्मा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

नामांकन प्रक्रिया और विपक्षी प्रत्याशियों की स्थिति

राज्यसभा के इस उपचुनाव में हरदीप सिंह पुरी के अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपने पर्चे दाखिल किए थे। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे खारिज हो गए। आवश्यक शपथ पत्र प्रस्तुत न करने के कारण इनका नामांकन निरस्त हुआ। प्रस्तावक न मिलने के आधार पर इनका पर्चा खारिज कर दिया गया। दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों की दावेदारी रद्द होने के बाद हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।

उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश तक का राजनीतिक सफर

हरदीप सिंह पुरी इससे पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। यूपी से उनका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा था। भाजपा नेतृत्व ने इस बार रणनीति में बदलाव करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश की जगह मध्य प्रदेश से उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया। अब मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका नया कार्यकाल अप्रैल 2030 तक रहेगा।

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Published By:
 Aarya Pandey
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