BREAKING: एंटीलिया केस में सजिन वाजे को बड़ा झटका, अभी खानी होगी जेल की हवा, बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2021 के एंटिलिया बम मामले और मनसुख हिरेन हत्या मामले में मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी सचिन वाजे को दी गई जमानत रद्द कर दी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की याचिका को स्वीकार करते हुए, अदालत ने 29 सितंबर के जमानत आदेश को खारिज कर दिया। वाजे हिरासत में ही रहेंगे।
- भारत
- 3 min read

साल 2021 के एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन हत्याकांड में एक बड़ा कानूनी मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को बर्खास्त मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को विशेष एनआईए (NIA) अदालत से मिली जमानत को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की उस अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें 29 सितंबर के जमानत आदेश को चुनौती दी गई थी।
न्यायमूर्ति गिरिश एस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए विशेष अदालत के फैसले को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद सचिन वाजे फिलहाल ठाणे सेंट्रल जेल में ही रहेंगे।
विशेष अदालत के फैसले पर हाईकोर्ट का चाबुक
इससे पहले, विशेष एनआईए अदालत ने 29 सितंबर को सचिन वाजे को यह कहते हुए जमानत दी थी कि अभियोजन पक्ष गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी कृत्य का प्रथम दृष्टया मामला साबित करने में विफल रहा। विशेष अदालत ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के परिवार के बयानों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए कड़े आतंकवाद विरोधी कानून के लागू होने पर सवाल उठाए थे। हालांकि एनआईए ने तुरंत इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने जमानत पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसके कारण वाजे जेल से बाहर नहीं आ सके।
'सुपरकॉप' बनने और रंगदारी की साजिश
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने तर्क दिया कि विशेष अदालत का आदेश त्रुटिपूर्ण था। वाजे ने मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के बाहर विस्फोटक से भरी एसयूवी सिर्फ इसलिए खड़ी करवाई ताकि वह रंगदारी वसूल सके और केस को खुद सुलझाकर खुद को 'सुपरकॉप' साबित कर सके। एसयूवी के मालिक मनसुख हिरेन ने जब इस साजिश की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया, तो राज खुलने के डर से उनकी हत्या करवा दी गई।एनआईए ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक परिवार से जुड़ा व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित करने वाली गंभीर साजिश थी।
Advertisement
सचिन वाजे के बचाव पक्ष का तर्क
वाजे के वरिष्ठ वकील वीएम थोरात ने जमानत का बचाव करते हुए कहा कि यदि एनआईए के आरोपों को सही मान भी लिया जाए, तो भी पद या प्रभाव पाने के लिए किया गया ऐसा कृत्य UAPA की धारा 15 के तहत आतंकवादी गतिविधि नहीं बनता। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बिना डिटोनेटर के जिलेटिन की छड़ें जनता में खौफ पैदा करने का इरादा साबित नहीं करतीं। इसके अलावा, उन्होंने लगभग पांच साल की लंबी हिरासत का हवाला देते हुए जमानत बनाए रखने की मांग की थी।
क्या है पूरा एंटीलिया मामला?
यह मामला 25 फरवरी 2021 का है, जब मुंबई में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास एक लावारिस महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी मिली थी। उसमें जिलेटिन की छड़ें और एक धमकी भरा पत्र बरामद हुआ था। गाड़ी के मालिक ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन थे। 5 मार्च 2021 को मनसुख हिरेन का शव मुंब्रा की एक खाड़ी में मिला, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया। 13 मार्च 2021 को एनआईए ने सचिन वाजे को गिरफ्तार किया और उन्हें इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार बताया। बॉम्बे हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब वाजे को सलाखों के पीछे ही रहना होगा।