अपडेटेड 22 January 2026 at 13:10 IST
गुजरात सांसद शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे ने पहले की पत्नी की हत्या, फिर खुद को भी गोली से उड़ाया; 2 महीने पहले ही हुई थी शादी; मचा हड़कंप
गुजरात से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे और सरकारी अधिकारी यशराज सिंह गोहिल ने पत्नी की हत्या करके आत्महत्या कर ली।
- भारत
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गुजरात से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे और सरकारी अधिकारी यशराज सिंह गोहिल ने पत्नी की हत्या करके आत्महत्या कर ली। यशराज की शादी दो महीने पहले ही हुई थी। पुलिस के मुताबिक बुधवार रात दंपति के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद यशराज ने पत्नी को गोली मार दी। फिर 108 पर कॉल करके एंबुलेंस को बुलाया। जब डॉक्टर्स ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया तो यशराज ने भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई, पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। इस सनसनीखेज वारदात ने राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया है और पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के मुताबिक देर रात अहमदाबाद के जजेस बंगलो रोड स्थित NRI टावर में यशराजसिंह गोहिल और उनकी पत्नी राजेश्वरी गोहिल के बीच विवाद हुआ। बहस बढ़ी और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान यशराज ने लाइसेंसी हथियार से पत्नी पर गोली चला दी।
सिर में लगी गोली, पत्नी की मौत; फिर कर ली खुदकुशी
गोली राजेश्वरी के सिर में लगी और उनकी मौत हो गई। इसके तुरंत बाद यशराज ने खुद 108 एंबुलेंस को कॉल किया। जब मेडिकल टीम पहुंची, तो राजेश्वरी को मृत घोषित कर दिया गया। एंबुलेंस स्टाफ के बाहर निकलते ही यशराज ने उसी हथियार से खुद को भी गोली मार ली। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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हाल ही में हुआ था यशराजसिंह गोहिल का प्रमोशन
यशराजसिंह गोहिल गुजरात समुद्री बोर्ड में प्रथम श्रेणी अधिकारी थे। हाल ही में उन्हें क्लास-2 से क्लास-1 में प्रमोशन मिला था। आपको बता दें कि शक्तिसिंह गोहिल, लिम्दा राज्य (हनुभना) के छठे राजा हरिश्चंद्र रणजीतसिंह गोहिल के पुत्र हैं। अभी शक्तिसिंह खुद लिम्दा के दरबार साहिब हैं। उनके दादा रणजीतसिंह 1967 में गढ़ाड़ा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधायक बने थे।
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शक्तिसिंह गोहिल 1990-95, 1995-98, 2007-2012, 2014 और 2017 से 2020 तक पांच बार विधायक रहे हैं। गुजरात में कांग्रेस की आखिरी सरकार के दौरान 1991 से 1995 तक मंत्री रहे। इसके बाद 2020 में राज्यसभा सांसद बने। साल 2022 में नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। लेकिन, 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 22 January 2026 at 13:08 IST