अपडेटेड 26 January 2026 at 13:26 IST

Shubhanshu Shukla: अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन करने वाले सपूत शुभांशु को मिला अशोक चक्र, सम्मान पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बनें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित कीं। यह सम्मान पाने वाले वो पहले अंतरिक्ष यात्री बनें हैं।

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shubhanshu shukla awarded Ashoka Chakra
शुभांशु शक्ला को मिला अशोक चक्र | Image: ANI

77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर Axiom-4 मिशन के दौरान उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए दिया गया। यह सम्मान पाने वाले वो पहले अंतरिक्ष यात्री बनें हैं।

कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र प्रदान किया गया।  शुभांशु उन 70 प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक हैं जिनका नाम 2026 के अशोक चक्र सम्मान के लिए पुरस्कार विजेताओं की सूची में है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 70 सशस्त्र बल कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी, जिसमें छह मरणोपरांत पुरस्कार शामिल हैं। 

शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र सम्मान

शुभांशु शुक्ला का परिवार इस सम्मान के लिए फूले नहीं समां रहे हैं। समारोह के दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की पत्नी डॉ. कामना शुक्ला का चेहरा गर्व और खुशी से चमक रहा था। पति को यह सम्मान मिलते देख वो भी भावुक नजर आईं। यह सम्मान न केवल शुभांशु शुक्ला के साहस और योगदान को सराहता है, बल्कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की बढ़ती ताकत को भी दिखाता है। पूरा देश शुभांशु शुक्ला पर गर्व महसूस कर रहा है और बधाई दे रहा है।

शुभांशु शुक्ला के नाम ये उपलब्धि

बता दें कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के Axiom4 Mission के तहत शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) गए थे। उन्होंने 25 जून को अपने साथियों के साथ अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और वहां 18 दिनों तक रहकर, विभिन्न रिसर्च को करके 15 जुलाई को वापस धरती पर लौटे थे। अंतरिक्ष से धरती पर सकुशल आने पर शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य साथियों का भव्य स्वागत किया गया था।

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शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं और उन्हें 17 जून 2006 को भारतीय वायु सेना (IAF) की लड़ाकू स्ट्रीम में नियुक्त किया गया था। वह एक फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक परीक्षण पायलट हैं जिनके पास 2,000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने Sukhoi-30MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier, और An-32, समेत कई तरह के विमान उड़ाए हैं।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 26 January 2026 at 12:04 IST