अपडेटेड 26 January 2026 at 07:48 IST

झारखंड के पूर्व CM दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपारंत पद्म भूषण सम्मान, बेट हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार का जताया आभार, कही बड़ी बात

केंद्र सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की गई, जिसमें शिबू सोरेन का नाम भी शामिल है। इस ऐलान पर बेटे हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार का आभार जताया है।

Follow : Google News Icon  
Former Jharkhand CM Shibu Soren awarded Padma Bhushan son Hemant expresses gratitude central government
पूर्व CM दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपारंत पद्म भूषण सम्मान | Image: X

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की गई, जिसमें शिबू सोरेन का नाम भी शामिल है। इस ऐलान के साथ ही राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई। यह सम्मान सार्वजनिक जीवन में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए दिया गया है। अब पिता को मिलने वाले इस सम्मान के लिए CM हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार का आभार जताया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार का आभार जताया है, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग जारी रखेगी। जेएमएम का मानना है कि दिशोम गुरु का योगदान इतना व्यापक और गहरा है कि पद्म भूषण से भी बड़ा सम्मान उनके लिए उचित होता। वर्तमान मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन ने इन दिनों लंदन में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पिता को मिलने वाले सम्मान के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया है।

CM हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार का जताया आभार

CM हेमंत सोरेन ने अपने X पोस्ट में लिखा है, हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा स्व दिशाेम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से घोषणा के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मैं केंद्र सरकार को हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं।

स्व दिशोम गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है। उनका संपूर्ण जीवन समता, समावेशी और सामाजिक न्याय, अस्मिता, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा शोषित-वंचित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का साक्षी रहा है।

Advertisement

पिता के लिए बेटे ने कही बड़ी बात

यह वही संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अपना राज्य दिलाया और झारखंडवासियों को झारखंडी होने का गर्व।

भारत रत्न की मांग रहेगी जारी

झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।

Advertisement

बता दें कि दिशोम गुरु के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य की स्थापना के लिए दशकों तक संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप साल 2000 में बिहार से अलग राज्य झारखंड का गठन हुआ। शिबू सोरेन को आदिवासी अधिकारों, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और सामाजिक न्याय के प्रतीक माने जाते हैं। इस सम्मान से झारखंड में उनकी विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई मान्यता मिली है।

यह भी पढ़ें:  19 महिलाओं समेत 131 महारथियों को मिलेगा पद्म सम्मान

Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 26 January 2026 at 07:48 IST