अपडेटेड 9 January 2026 at 07:28 IST
'विनाश काले विपरीत बुद्धि', CM ममता बनर्जी पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस का तंज, कोलकाता में ED के छापों को लेकर गरमाई सियासत
Kolkata news: कोलकाता में ईडी की छापेमारी को लेकर सियासी पारा है। रेड के बीच सीएम ममता बनर्जी के IPAC के दफ्तर से दस्तावेज साथ लेकर निकलने पर बवाल मचा है। पूरे मामले को लेकर TMC और बीजेपी आमने सामने हैं। इस पर अब राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस की भी प्रतिक्रिया सामने आई।
- भारत
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West Bengal news: कोलकाता में IPAC ऑफिस पर ED की छापेमारी को लेकर बड़ा बवाल मच गया है। सीएम ममता बनर्जी ईडी की रेड के बीच ही IPAC ऑफिस पहुंच गई और वहां से कुछ फाइलें अपने साथ लेकर आ गईं। इस पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोला है। गवर्नर ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि विनाश काले विपरीत बुद्धि।
कोयला तस्करी मामले की जांच के बीच गुरुवार, 8 जनवरी को ईडी की टीम ने कई जगहों पर छापेमारी की। इसी सिलसिले में कोलकाता स्थित IPAC के घर और ऑफिस पर भी रेड पड़ी। इसकी खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी छापेमारी के बीच ही वहां पहुंच गई। इस दौरान ममता अपने साथ फाइलें लेकर वहां से निकल गईं।
‘मामला कोर्ट में विचारधीन, इसलिए…’
इसको लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी बवाल मचा है। TMC और बीजेपी आमने-सामने हैं। इस बीच अब पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस की भी प्रतिक्रिया आई है।
उनसे जब IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री के दखल देने पर सवाल हुआ तो उन्होंने कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में है, इसलिए इस पर कुछ भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
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राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कहा, "यह मामला अब कलकत्ता हाई कोर्ट में है, यानी यह विचाराधीन है। किसी राज्यपाल के लिए ऐसे विषय पर जो विचाराधीन हो, उसपर टिप्पणी करना उचित नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, “यह पूरी घटना, जिस तरह से मीडिया के जरिए सामने आई है, उसे देखकर मुझे कहना पड़ रहा है - विनाश काले विपरीत बुद्धि।”
गवर्नर ने कहा, "इसमें कानूनी मुद्दे और संवैधानिक मुद्दे शामिल हैं। इसी आधार पर हमें पीस रूम में कई शिकायतें मिली हैं। आज कलकत्ता हाई कोर्ट के कई वकील विरोध प्रदर्शन के लिए यहां आए, उन्होंने भी अपने विचार रखे हैं। कानूनी राय भी मेरे संज्ञान में लाई गई है।"
‘संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ले रहा हूं…’
उन्होंने कहा कि पहला किसी लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कामों को ठीक से करने से रोकना BNS के तहत एक अपराध है, जिसके लिए जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। दूसरा, किसी लोक सेवक को अपना कर्तव्य करने से डराना या धमकाना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए 2 साल की जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। तीसरा मुद्दा संवैधानिक और गंभीर है।"
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उन्होंने कहा कि जैसा कि वे दावा करते हैं, इस काम को करके उन्होंने मुख्यमंत्री बने रहने के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया है। मैं इस बारे में संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ले रहा हूं कि क्या करना चाहिए, लेकिन क्योंकि मामला विचाराधीन है इसलिए मैं इस पर कोई फैसला नहीं देना चाहता।
आज सड़कों पर उतरेंगी CM ममता बनर्जी
पूरी घटना को लेकर सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी ने TMC के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और उसकी चुनाव रणनीति से जुड़े संवेदनशील डिजिटल डेटा को जब्त करने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने ईडी पर केंद्र के इशारे पर राज्य की सत्ताधारी पार्टी को परेशान करने का आरोप लगाया। सीएम ममता ने ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ करार दिया और कहा कि इसका उद्देश्य विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी को डराना है।
अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार, 9 जनवरी को ईडी की छापेमारी के खिलाफ विरोध में सड़कों पर उतरेंगी। वो दोपहर दो बजे जादवपुर आठ-बी बस स्टैंड से हाजरा मोड़ तक विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगी।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 9 January 2026 at 07:28 IST