अब खाने के बिल में ‘LPG चार्ज’ नहीं जोड़ पाएंगे होटल और रेस्टोरेंट्स, CCPA ने दी सख्त चेतावनी, बिल में दिखे एक्स्ट्रा चार्ज तो क्या करें?
होटल अब खाने के बिल पर अलग से 'LPG चार्ज' नहीं वसूल पाएंगे। CCPA (Central Consumer Protection Authority) ने इसको लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। जानें आपके क्या अधिकार है? अगर आपसे कोई एक्स्ट्रा चार्ज मांगे तो शिकायत करने के ये 4 तरीके जान लें। पढ़ें पूरी खबर।
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Consumer Rights India: अगर आप भी बाहर खाना खाने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि आज कल बाहर खाना खाते वक्त होटल और रेस्टोरेंट गैस किल्लत के नाम पर जबरदस्ती ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं। लेकिन अब आपके खाने के बिल में अलग से ‘LPG चार्ज’ या ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ नहीं जोड़ जा सकेगा। जी हां, सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में बेंगलुरु के एक कैफे का मामला सामने आया था, जहां नींबू पानी के बिल पर 5% 'गैस क्राइसिस चार्ज' वसूला गया। ग्राहक ने 2 मिंट लेमोनेड ऑर्डर किए थे, जिसकी कीमत 358 रुपये थी। कैफे ने चालाकी से बिल में 17.01 रुपये का एक्ट्रा चार्ज जोड़ दिया। जिसके बाद ग्राहक ने बिल की फोटो लेकर सोशल मीडिया पर डाली, इसके बाद वो बिल की फोटो वायरल हो गई, उसी आधार पर सरकार ने संज्ञान लिया है।
CCPA ने दी सख्त हिदायत
CCPA (Central Consumer Protection Authority) ने स्पष्ट किया है कि रेस्टोरेंट अपने बिल में खाने की तय कीमत के अलावा सिर्फ सरकारी टैक्स (GST) ही जोड़ सकते हैं। गैस की बढ़ती कीमतें या कोई भी ऑपरेशनल खर्च होटल की अपनी लागत (Input Cost) का हिस्सा होता है, जिसे उन्हें मेन्यू कार्ड की कीमतों में ही एडजस्ट करना होगा।
अथॉरिटी का मानना है कि सर्विस चार्ज पर लगी रोक को बाईपास करने के लिए कई रेस्टोरेंट अब नए नामों से ग्राहकों की जेब काट रहे हैं, जो उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
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अगर बिल में एक्स्ट्रा चार्ज दिखे तो क्या करें?
सरकार ने ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अगर आपके बिल में भी अगली बार आपको 'LPG चार्ज', 'फ्यूल चार्ज' या ऐसा ही कोई बाकी शुल्क जोड़ा जाए तो आप ये कदम उठा सकते हैं:
- मैनेजमेंट से बात करें: सबसे पहले होटल या रेस्टोरेंट के मैनेजर से उस चार्ज को हटाने को कहें।
- हेल्पलाइन नंबर: अगर वे नहीं मानते, तो तुरंत 1915 पर नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर कॉल करें।
- डिजिटल तरीका: आप NCH ऐप या ई-जाग्रति पोर्टल (e-Jagriti) के जरिए भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- प्रशासनिक शिकायत: आप संबंधित जिला कलेक्टर या सीधे CCPA (Central Consumer Protection Authority) को भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।
तेल संकट के बीच भारत का बड़ा कदम
एक ओर जहां मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय रिफाइनर्स ने रूस से लगभग 6 करोड़ बैरल कच्चा तेल खरीदने का फैसला किया है। सरकार की पूरी कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी ऊर्जा संकट का असर आम लोगों की थाली पर न पड़े।