क्या होता है ब्लू कॉर्नर नोटिस जो गोवा नाइटक्लब मालिकों के लिए हुआ था जारी, कितना है पावरफुल, दिखता कैसा है? यहां जानिए सबकुछ

इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन यानी इंटरपोल दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल पुलिस नेटवर्क है। 1923 में इंटरपोल की स्थापना फ्रांस के ल्योन शहर में हुई थी।

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क्या होता है ब्लू कॉर्नर नोटिस जो गोवा नाइटक्लब मालिकों के लिए हुआ था जारी, कितना है पावरफुल, दिखता कैसा है? यहां जानिए सबकुछ | Image: X

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के मुख्‍य आरोपी लूथरा ब्रदर्स (गौरव और सौरभ लूथरा) को थाईलैंड में गिरफ्तार कर लिया गया है। गोवा पुलिस की टीम थाईलैंड पहुंच गई है और उनके प्रत्यपर्ण की कार्रवाई की जा रही है। लूथरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी गोवा पुलिस की कोशिशों के केंद्रीय एजेंसियों के मजबूत सपोर्ट के चलते संभव हो पाया। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इंटरपोल ने 2 दिन में ही ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया था। यह नोटिस आरोपियों को ट्रेस करने में मदद करता है और उन्हें किसी दूसरे देश में जाने से रोकता है।

पुलिस इनपुट के मुताबिक, दोनों रविवार सुबह करीब 5.30 बजे फुकेट के लिए इंडिगो की फ्लाइट में सवार हुए, ताकि आधी रात के आसपास लगी आग के बाद गिरफ्तारी या पूछताछ से बच सकें।

इंटरपोल जारी करती ब्लू कॉर्नर नोटिस

इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन यानी इंटरपोल दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल पुलिस नेटवर्क है। 1923 में इंटरपोल की स्थापना फ्रांस के ल्योन शहर में हुई थी। 190 से भी ज्यादा देश इंटरपोल से जुड़े हैं। हर एक देश में इंटरपोल का नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) होता है। भारत में यह जिम्मेदारी CBI के पास है।

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इंटरपोल खुद किसी अपराधी को गिरफ्तार नहीं करता बल्कि आपराधिक मामलों में जानकारी इकट्ठा करके पहुंचाता है। ऐसे मामलों में इंटरपोल कलर-कोडेड नोटिस जारी करता है। इन नोटिसों में अपराधी के बारे में डिटेल्ड इन्फॉर्मेशन होती है यानी उसकी फोटो, लोकेशन, डॉक्यूमेंट्स, क्रिमिनल बैकग्राउंड्स और लेंग्वेज समेत सब कुछ।

इतने कलर के नोटिस जारी करता है इंटरपोल, एक स्‍पेशल नोटिस भी

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ब्लू नोटिस: संदिग्ध गतिविधियों वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाने के लिए, गिरफ्तारी के आदेश के बिना।

रेड नोटिस: भगोड़े या कुख्यात अपराधी की लोकेशन पता करने और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार करने के लिए।

येलो नोटिस: लापता लोगों को ढूंढने के लिए।

ब्लैक नोटिस: किसी देश में अज्ञात शव मिलने पर।

ग्रीन नोटिस: देश या समाज की सुरक्षा के लिए खतरा मोल लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ।

ऑरेंज नोटिस: गंभीर और संभावित खतरे की जानकारी देने के लिए।

पर्पल नोटिस: अपराधियों की नई तकनीक या उपकरणों के बारे में जानकारी के लिए।

इंटरपोल-UN स्पेशल नोटिस: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधित आतंकियों और संगठनों के खिलाफ।

25 लोगों की जलकर हुई थी मौत

गोवा के अरपोरा में 'Birch by Romeo Lane' नाइटक्लब में अचानक लगी भीषण आग की चपेट में कई लोग आए थे, जिनमें से 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में मारे जाने वाले ज्यादातर स्टाफ के लोग थे। इस हादसे के बाद नाइट क्लब के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा थाईलैंड के फुकेट भाग गए। हालांकि अब उनके प्रत्यर्पण की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं, लेकिन ये प्रोसेस काफी लंबा हो सकता है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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