Goa Nightclub Fire : अर्पोरा हादसे पर सावंत सरकार की पहली बड़ी कार्रवाई, तीन अधिकारियों को किया निलंबित
Goa Nightclub Fire : गोवा सरकार ने अर्पोरा नाइट क्लब अग्निकांड के बाद तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई, जिसमें 23 लोगों की मौत दम घुटने से हुई।
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Goa Night Club Fire : गोवा में अर्पोरा के प्रसिद्ध नाइट क्लब 'बर्च बाय रोमियो लेन' में शनिवार रात को लगी भयानक आग ने 25 लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे के बाद गोवा सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रिपब्लिक को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
शनिवार रात करीब 12 बजे नाइट क्लब में आग लगी, जो तेजी से पूरे क्लब में फैल गई। आग की लपटों के साथ-साथ धुएं ने मौजूद लोगों को घेर लिया, जिससे ज्यादातर मौतें घुटन और सांस की तकलीफ से हुईं। पुलिस के अनुसार, हादसे में 25 लोग मारे गए, जिसमें 23 लोगों की मौत दम घुटने से हुई। मृतकों में पर्यटक, स्थानीय युवा और स्टाफ सदस्य शामिल हैं। बचाव कार्य में फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने घंटों तक जद्दोजहद की।
3 अधिकारियों पर कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, क्लब में उस वक्त भारी भीड़ थी और सुरक्षा उपायों की कमी ने हालात को और बिगाड़ दिया। गोवा सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। लापरवाही के आधार पर तीन अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का फैसला लिया है।
- सिद्धि हलारनकर, तत्कालीन पंचायत निदेशक
- शमीला मोंटेरो, तत्कालीन गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीएसपीसीबी) की सदस्य सचिव।
- रघुवीर बागकर, अर्पोरा-नागोआ पंचायत के सचिव।
मुख्यमंत्री सावंत ने साफ कहा कि "क्लब को चलाने की परमिशन देने वाले अधिकारियों ने कई नियमों का पालन नहीं किया। जांच पूरी होने तक इन्हें निलंबित रखा जाएगा। इसके अलावा, पंचायत सरपंच को भी हिरासत में लिया गया है, जबकि क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। नाइट क्लब के जनरल मैनेजर और तीन अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पीड़ित परिवारों के लिए 5 लाख की मदद
हादसे से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रत्येक मृतक के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और घायलों को 50 हजार की मदद दी जाएगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय नेताओं ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है।