Gen-Z Vs मिलेनियल्स: करियर, सोच और स्टाइल में कौन आगे? दोनों पीढ़ियों में चौंकाने वाले अंतर

Gen Z और Millennials ये दोनों पीढ़ियां एक दूसरे से काफी अलग है। जिसमें उनकी सोच, करियर के लक्ष्य, तकनीक का उपयोग और बॉडी लैंग्वेज शामिल हैं।

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Gen-Z Vs Millennials
Gen-Z Vs Millennials | Image: Freepik

Gen Z Vs Millennials: दुनियाभर में Gen Z और Millennials इन दो पीढ़ियों पर काफी चार्चाएं देखने को मिल रही है। जो अपने विचारों, आदतों और हाव-भाव में एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। जेन जेड (1997-2012) और मिलेनियल्स (1981-1996) दोनों ने तकनीक के बदलाव को काफी करीब से देखा है। इनमें पुरानी और नई सोच का मिश्रण दिखता है। तो आइए जानते हैं ये पीढ़ियां एक दूसरे से कैसे अलग हैं और उनके बीच क्या सेम टू सेम है?

कौन हैं मिलेनियल्स?

मिलेनियल्स पीढ़ी ने बचपन में लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल किया और रेडियो-कैसेट टेप पर गाने सुने और आज, यही पीढ़ी स्मार्टफोन चला रही है। इसलिए इनमें पुरानी और नई सोच का मिश्रण दिखता है। ये पुराने गानों की प्लेलिस्ट बनाते हैं, लेकिन साथ ही क्रिप्टोकरेंसी और AI जैसी नई चीजों को भी अपनाने से पीछे नहीं हटते।

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कौन हैं जेन जेड?

दूसरी ओर जेन Z पीढ़ी पूरी तरह इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में पली-बढ़ी है। यही वजह है कि तकनीक का इस्तेमाल करने में यह मिलेनियल्स से कहीं बेहतर हैं। जेन जेड अपने फैसले लेना खुद पसंद करती है और अपने करियर के मामले में सोच-समझकर फैसला लेती है। यह पीढ़ी मानती है कि लोगों से घुलने-मिलने या दोस्ती करने में वाइब्स मैच होना जरूरी है।

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वर्क लाइफ बैलेंस और ऑफिस का माहौल

एक सर्वे के मुताबिक, जेन Z पीढ़ी चाहती है कि, ऑफिस में कूल माहौल होना चाहिए, न कि टॉक्सिक। यह पीढ़ी मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देती है और ऑफिस ऐसा होना चाहिए जहां लोग अपनी वर्क-लाइफ को अच्छे से बैलेंस कर सकें। जेन जेड ऑफिस में फेवरेटिज्म के सख्त खिलाफ है और मानती है कि हर कर्मचारी का आकलन उसकी मेहनत, प्रदर्शन और कौशल के आधार पर होना चाहिए।

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भारत में जेन-Z की आबादी 37.7 करोड़ से ऊपर 

जेन जेड सेविंग से ज्यादा खर्च करने में विश्वास रखती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2035 तक जेन जेड की आबादी 2 लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंच जाएगी। भारत में जेन जेड की आबादी 37.7 करोड़ से ज्यादा है और यह आबादी खपत के जरिए अगले 2 दशकों में भारत के विकास के भविष्य को आकार देगी।

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बॉडी लैंग्वेज में अंतर 

मिलेनियल्स और जेन जेड की बॉडी लैंग्वेज में भी काफी फर्क है। मिलेनियल्स में पुराने समय की शांति और नए दौर की आत्मविश्वास भरी ऊर्जा का मिश्रण दिखाई देता है। जेन जेड अपने व्यूज खुलकर सामने रखने में विश्वास रखती है और बातचीत में जल्दी-जल्दी रिएक्शन देते हैं। जेन जेड मिलेनियल्स के मुकाबले कैमरा के सामने ज्यादा कॉन्फिडेंट रहते हैं।

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जेन जेड और मिलेनियल्स 2 अलग-अलग पीढ़ियां हैं जिनकी सोच, आदतें और हाव-भाव में बड़ा अंतर है। दोनों पीढ़ियों की अपनी खासियत है और प्राथमिकताएं हैं जो उन्हें एक दूसरे से अलग बनाती हैं।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड