Ram Mandir: चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों पर लग सकता है गैंगस्टर एक्ट, राम मंदिर में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का भी आरोप

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का नया मामला भी खुला है। पुलिस अब मंदिर में हुई नियुक्तियों की भी जांच कर रही है।

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Ram Mandir Donation Row
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला | Image: X

Ayodhya Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू समेत 8 लोगों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। इन सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जा सकता है। छापेमारी और आरोपियों से पूछताछ के दौरान जो अब तक सबूत मिले हैं, वो गैंगस्टर एक्ट लगाने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसको लेकर विधिक सलाह ली जा रही है। इसके लगने पर आरोपियों की कुर्की संबंधी कार्रवाई में पुलिस को आसानी होगी।

नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का भी आरोप

मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का नया मामला भी खुला है। पुलिस अब मंदिर में हुई नियुक्तियों की भी जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का भी आरोप है। गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ में एक ट्रस्ट सदस्य का नाम सामने आने के बाद जांच तेज हो गई है। जांच में पता चला है कि मंदिर प्रतिष्ठान में करीब 125 कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। कई उम्मीदवारों पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए पैसे दिए। इन आरोपों का सच पता लगाने में पुलिस जुट गई है। शुरुआती जांच में कई कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज भी नहीं मिले हैं, जिसके चलते हर भर्ती की अलग-अलग पड़ताल की जा रही है।

आरोपियों से पूछताछ जारी

चढ़ावा चोरी मामले की जांच के दौरान पुलिस लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला ने करोड़ों रुपये की चोरी की बात कबूल ली है। उसने यह भी बताया कि कैसे मंदिर परिसर के भीतर सुरक्षा और डोनेशन काउंटिंग की कमियों का फायदा उठाकर इस घोटाले को अंजाम दिया जा रहा था।

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SIT का कार्यकाल 15 दिन बढ़ा

इस बीच, मामले की जांच कर रही SIT की टीम के कार्यकाल को 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। SIT ने बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका जताई है और ट्रस्ट के हर लेन-देन की बारीकी से जांच करने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के पिछले 5 सालों के ऑडिट की भी जांच होगी। अब SIT 15 जुलाई को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।  

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड