New Labour Codes : महिलाओं को भी मिलेगी पुरुषों के बराबर सैलरी, मोदी सरकार ने दी गारंटी, 4 नए लेबर कोड ने तोड़ी सारी पाबंदियां
New Labour Codes : केंद्र सरकार ने चार नए लेबर कानून लागू कर दिए हैं, जो 29 पुराने नियमों को सरल और प्रभावी बनाते हैं। अब महिला श्रमिकों को भी पुरुषों के समान वेतन मिलेगा।
- भारत
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New Labor Codes: श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि चारों श्रम संहिताओं को अधिसूचित कर दिया गया है और अब ये देश का कानून हैं। साथ ही कहा कि ये सुधार सिर्फ साधारण बदलाव नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये कदम कार्यबल के कल्याण के लिए उठाया है। खास बात ये है कि बदलाव आज से ही प्रभावी हो गए हैं।
इन सुधारों से महिला श्रमिकों को कार्य के लिए वेतन और मशीनरी क्षेत्रों में काम करते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने से लेकर महिलाओं को और भी कई अवसर मिलेंगे। चार श्रम संहिताएं लागू होने पर महिला श्रमिकों को भी सभी समान लाभ मिलेंगे।
महिला श्रमिकों को मिलेंगे ये लाभ
- महिला श्रमिकों के साथ अब लैंगिक भेदभाव (Gender Discrimination) नहीं होगा।
- समान कार्य (Equal work) के लिए सम्मान पैसा मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।
- महिला श्रमिकों को रात की शिफ्ट (Night Shifts) और सभी प्रकार के काम करने के अवसर (Including underground mining, heavy machinery) मिलेंगे।
- महिलाओं की सेफ्टी का ध्यान रखना अनिवार्य होगा।
- मैटरनिटी बेनिफिट (Maternity benefits) में 26 हफ्तों तक की पेड लीव मिलेगी।
- शिशु पालन केंद्र की सुविधाएं और घर से काम करने की आजादी भी मिलेगी
- महिला श्रमिक के लिए हेल्थ बेनिफिट्स 3,500 रुपये का मेडिकल देना होगा।
- महिला श्रमिकों को ससुराल पक्ष के लोगों को भी मेडिकल में शामिल करने का ऑप्शन मिलेगा।
चार नए लेबर कोड लागू
केंद्र सरकार ने चार नई श्रम संहिताओं को शुक्रवार (21 नवंबर) से लागू कर दिया। ये 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेते हैं। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इन लाभों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब सभी कर्मचारियों को समय पर न्यूनतम वेतन की गारंटी मिलेगी। ओवरटाइम पर दोगुना वेतन, सहमति से ही अतिरिक्त कार्य मिलेगा, इसके साथ ही एक साल की सेवा पर ग्रेच्युटी का अधिकार भी मिलेगा जो पहले 5 साल के बाद मिलती थी।
नई संहिता में महिलाओं को समान कार्य‑समान वेतन और सभी काम की अनुमति दी गई है, बशर्ते लिखित सहमति और सुरक्षा उपाय हों। शिकायत निवारण समितियों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है और EPF में परिवार में सास‑ससुर को जोड़कर डिपेंडेंट कवरेज जोड़ा जा सकेगा।
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युवा श्रमिकों को न्यूनतम वेतन की गारंटी के साथ नियुक्ति पत्र प्रदान करना अनिवार्य किया गया है। फिक्स्ड‑टर्म कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के समान सामाजिक सुरक्षा, छुट्टी और मेडिकल कवरेज मिलेगा, इसके सात ही एक साल की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का हक भी मिलेगा। इन सुधारों का उद्देश्य श्रमिकों की आय, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और भारत को वैश्विक निवेश के अनुकूल बनाना है। इस ऐतिहासिक कदम से करोड़ों कामगारों को सशक्त बनाने की उम्मीद है।