ओवरटाइम पर दोगुना पेमेंट और एक साल में ग्रेच्युटी... आज से देश में चार नए लेबर कोड लागू, जानिए कर्मचारियों को क्या-क्या फायदा

New Labour Codes: श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत भारत सरकार ने चार श्रम संहिताओं- वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 और व्‍यवसायिक सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और कार्य शर्त संहिता, 2020 को 21 नवंबर 2025 से लागू करने की घोषणा की है।

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 Four new labor codes
प्रतीकात्मक तस्वीर | Image: Ministry of Labour & Employment, GoI/X

New Labour Codes: आज का दिन देश के करोड़ों मजदूरों, श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। केंद्र की मोदी सरकार ने आज शुक्रवार से देश में चार नए लेबर कोड को तुरंत प्रभाव से लागू करने की बड़ी घोषणा की है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसके बारे में जानकारी शेयर करते हुए लिखा है, "मोदी सरकार की गारंटी: हर श्रमिक का सम्मान! आज से देश में नई श्रम संहिताएं लागू हो गई हैं।"

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नए लेबर कोड को लागू होने पर इसे ऐतिहासिक बताया है। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा, "आज मेरे श्रमिक भाई-बहनों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। हमारी सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं। आजादी के बाद यह श्रमिकों के हित में किया गया सबसे बड़ा रिफॉर्म है। यह देश के कामगारों को बहुत सशक्त बनाने वाला है। इससे जहां नियमों का पालन करना बहुत आसान होगा, वहीं ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।"

भारत सरकार ने लागू की चार श्रम संहिता

श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत भारत सरकार ने चार श्रम संहिताओं- वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 और व्‍यवसायिक सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और कार्य शर्त संहिता, 2020 को 21 नवंबर 2025 से लागू करने की घोषणा की है।

इसे 29 मौजूदा श्रम कानूनों के स्‍थान पर लागू किया जा रहा है। श्रम नियमावली को मॉडर्न बनाकर, मजदूरों की भलाई को बढ़ाकर और श्रम इकोसिस्टम को काम की बदलती दुनिया के साथ जोड़कर, यह ऐतिहासिक कदम भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और मजबूत, उद्योग-अनुकूल बनाने की नींव रखता है, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए श्रम सुधारों को आगे बढ़ाएंगे।

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नई श्रम संहिताओं के ये बड़े फायदे

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इसके बारे में जानकारी शेयर करते हुए लिखा है, "मोदी सरकार की गारंटी: हर श्रमिक का सम्मान! आज से देश में नई श्रम संहिताएं लागू हो गई हैं।"
उन्होंने इसके कुछ बड़े फायदों को बिंदुवार बताया है, जो इस प्रकार से हैं - 

  • सभी कामगारों को समय से न्यूनतम वेतन की गारंटी 
  • युवाओं को नियुक्ति पत्र की गारंटी
  • महिलाओं को समान वेतन और सम्मान की गारंटी
  • 40 करोड़ श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी
  • फिक्स टर्म एम्प्लॉईस को एक साल बाद ग्रेच्युटी की गारंटी
  • 40 साल से अधिक आयु वाले श्रमिकों को सालाना मुफ़्त हेल्थ चेक-अप की गारंटी
  • ओवरटाइम करने पर दुगने वेतन की गारंटी 
  • जोखिम-भरे क्षेत्रों के कामगारों को 100% हेल्थ सिक्युरिटी की गारंटी 
  • इंटरनेशनल मानकों के मुताबिक श्रमिकों को सामाजिक न्याय की गारंटी


नई संहिता में महिला कर्मचारियों के लिए खास बातें

  • महिला-पुरुष भेदभाव कानूनी तौर पर मना है।
  • समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया गया।
  • महिलाओं को रात्रि पाली और सभी तरह के काम (भूमिगत खनन और भारी मशीनरी सहित) करने की इजाजत है, बशर्ते उनकी सहमति हो और सुरक्षा के जरूरी उपाय किए गए हों।
  • शिकायत निवारण समितियों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया।
  • महिला कर्मचारियों के परिवार परिभाषा में सास-ससुर को जोड़ने का प्रावधान, डिपेंडेंट कवरेज को बढ़ाना और इनक्लूसिविटी पक्का करना।


युवा श्रमिकों के लिए बड़ी बातें

  • सभी कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी की गारंटी है।
  • नियुक्ति पत्र अनिवार्य- सामाजिक सुरक्षा, रोजगार विवरण और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
  • मालिकों द्वारा मजदूरों का शोषण पर रोक — छुट्टी के दौरान मजदूरी देना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • अच्छा जीवन स्तर सुनिश्चित करने के लिए, मजदूरों को केंद्र सरकार की ओर से तय की गई फ्लोर वेज के हिसाब से वेतन मिलेगा।
     

आईटी और आईटीईएस कर्मचारियों के लिए 

  • हर महीने की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान अनिवार्य। पारदर्शिता और पक्का भरोसा।
  • समान काम के लिए समान वेतन अनिवार्य किया गया, महिलाओं की भागीदारी को मजबूत किया गया।
  • महिलाओं को रात्रि शिफ्ट में काम करने की सुविधा – महिलाओं को ज्‍यादा वेतन पाने का अवसर।
  • परेशानी, भेदभाव और वेतन से जुड़े विवादों का समय पर समाधान।
  • फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयमेंट और अनिवार्य नियुक्ति पत्र के जरिए सामाजिक सुरक्षा लाभ की गारंटी।

ऑडियो-विजुअल और डिजिटल मीडिया पत्रकारों के लिए खास बातें

  • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों, डबिंग आर्टिस्ट और स्टंट पर्सन समेत डिजिटल और ऑडियो-विजुअल कामगारों को अब पूरा फायदा मिलेगा।
  • सभी कामगारों के लिए नियुक्तिपत्र अनिवार्य- जिसमें उनका पदनाम, वेतन और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार साफ-साफ लिखे हों।
  • समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया गया।
  • ओवरटाइम तय घंटों से ज्‍यादा काम, सहमति से होगा और सामान्‍य मजदूरी से कम-से-कम दोगुना मिलेगा।

पांच साल के बजाय सिर्फ एक साल बाद ग्रेच्युटी की योग्यता हासिल

  • फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी (एफटीई) स्थायी कर्मचारियों के बराबर सभी फायदे मिलेंगे, जिसमें छुट्टी, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं।
  • पांच साल के बजाय सिर्फ एक साल बाद ग्रेच्युटी की योग्यता हासिल।
  • स्थायी कर्मचारी के बराबर वेतन, इनकम और सुरक्षा।
  • सीधी बहाली को बढ़ावा मिलता है और बहुत ज्यादा अनुबंध पर काम को कम करता है।

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Published By:
 Amit Dubey
पब्लिश्ड