पठानकोट में BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हमले की कोशिश का आरोप, AAP कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जब वह पार्टी की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' की शुरुआत में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे, तो उनके काफिले पर हमला किया गया।
- भारत
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पंजाब में बीजेपी की नशा मुक्त रैली में हिस्सा लेने जा रहे रवनीत बिट्टू ने सरकार पर आरोप लगाए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जब वह पार्टी की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' की शुरुआत में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे, तो उनके काफिले पर हमला किया गया। बिट्टू ने हमले में आम आदमी पार्टी (AAP) के 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के शामिल होने का आरोप लगाया।
रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि मौके पर 100 से अधिक आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद थे और उन्होंने उनके काफिले पर हमला करने का प्रयास किया। उन्होंने पंजाब पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम के दौरान मूकदर्शक बने रहे। बिट्टू ने अपने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर कथित घटना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कुछ लोगों को AAP का कार्यकर्ता बताते हुए उन्हें पकड़ने का दावा भी किया। साथ ही उन्होंने काफिले में शामिल स्कॉर्ट वाहनों पर बने कथित निशान भी कैमरे पर दिखाए।
‘मुझे बंदी बनाया गया, केंद्रीय गृहमंत्री को बताया’
रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले से ही शक था कि बीजेपी की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता इस तरह के हमले करने का प्रयास कर सकते हैं। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इस दौरान पंजाब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। वहीं, अपने इंस्टाग्राम पेज पर लाइव आकर बिट्टू ने काफिले पर हुए हमले और स्कॉट गाड़ियों पर लगे निशान को भी दिखाया।
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बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू ने आरोप लगाया कि उन्हें AAP कार्यकर्ताओं द्वारा किडनैप करने की कोशिश हुई, उनकी गाड़ियों पर टमाटर और अंडे से हमला किया गया। रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि उन्होंने इस हमले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर बात की है। उन्होंने शाह को बताया कि आम आदमी पार्टी के लोगों ने उन्हें रास्ते में बंदी बनाया।
पठानकोट से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरूआत
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दरअसल, बीजेपी राष्ट्रीय प्रमुख नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों आज पठानकोट से ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद अगले तीन दिनों में, प्रदेशभर में चार यात्राएं शुरू होंगी। सभी यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर में खत्म होंगी और गृह मंत्री अमित शाह इसके लिए वहां पहुंचेंगे। यह यात्रा सभी विधानसभा क्षेत्र को कवर करेगी और लोगों को जागरूक करेगी।
कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू?
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के पोते हैं। उनकी गिनती पहले पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में होती थी। बिट्टू ने 2009, 2014 और 2019 में लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने थे। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया। 2024 में बीजेपी के टिकट पर लुधियाना सीट से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गए।
हालांकि, चुनाव हारने के बाद भी बीजेपी ने उन पर भरोसा जताता और राजस्थान से राज्यसभा के जरिए संसद भेज दिया। यहीं नहीं, केंद्र सरकार में रवनीत सिंह बिट्टू को रेल राज्य मंत्री बनाया गया। लेकिन जून में हुए राज्यसभा चुनाव में उन्हें फिर से उन्हें नहीं चुना गया। इसके बाद 21 जुलाई को बिट्टू ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
पंजाब चुनाव में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी नेतृत्व रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है, इसलिए उन्हें दोबार राज्यसभा में नहीं भेजा गया। पंजाब में अगले साल 2027 विधानसभा के चुनाव होने हैं। बिट्टू ने भी मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद राज्य की राजनीति में लौटने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि अब उनका पूरा ध्यान पंजाब चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने पर होगी।