BREAKING: NHRC को लेकर बड़ी खबर, SC के पूर्व जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम बने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नया अध्यक्ष बनाया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Former Supreme Court Judge V Ramasubramanian Appointed NHRC Chairperson
Former Supreme Court Judge V Ramasubramanian Appointed NHRC Chairperson | Image: X

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम (V. Ramasubramaniam) को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। अरुण कुमार मिश्रा के कार्यकाल खत्म होने के बाद से ही यह पद खाली था। अब केंद्र सरकार की ओर से (NHRC) के नए अध्यक्ष की घोषणा कर दी गई है।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम (सेवानिवृत्त) को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। प्रियांक कानूनगो और डॉ न्यायमूर्ति बिद्युत रंजन सारंगी (सेवानिवृत्त) को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा का एक जून को कार्यकाल पूरा होने के बाद से NHRC अध्यक्ष का पद रिक्त था।

जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम NHRC के नए अध्यक्ष बने

प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति ने 18 दिसंबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अगले अध्यक्ष का चयन के लिए बैठक की थी। NHRC के चेयरमैन के लिए पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ के नाम की भी चर्चा थी, मगर उनकी तरफ से ही इन खबरों को खारिज कर विराम लगा दिया गया था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार, 23 दिसंबर को तमिलनाडु के सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश वी. रामसुब्रमण्यम को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया।

कौन है जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम?

तमिल के जाने-माने विद्वान और निर्णय लिखने की कला में माहिर न्यायमूर्ति रामसुब्रमण्यम का जन्म 30 जून, 1958 को हुआ था। उन्होंने चेन्नई के विवेकानंद कॉलेज से रसायन विज्ञान में ग्रेजुएट की डिग्री ली। मद्रास लॉ कॉलेज से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद 16 फरवरी, 1983 को वो बार के सदस्य के रूप में नामांकित हुए। रामसुब्रमण्यम ने मद्रास हाईकोर्ट में लगभग 23 साल तक वकालत की।

Advertisement

रामसुब्रमण्यम को 31 जुलाई 2006 को मद्रास हाईकोर्ट के एडिशनल जज के रूप में नियुक्त किया गया। 9 नवंबर 2009 को उनको स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया था। 27 अप्रैल 2016 से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों के लिए हैदराबाद में हाईकोर्ट में अपने खुद के अनुरोध पर उनका तबादला कर दिया गया था। आंध्र प्रदेश के लिए एक अलग हाईकोर्ट बनने के बाद  1 जनवरी 2019 से हैदराबाद में तेलंगाना के हाईकोर्ट के जज के रूप में वी. रामसुब्रमण्यम ने काम किया। 

यह भी पढ़ें; BIG BREAKING: मशहूर फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल का निधन

Advertisement
Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड