Mahakumbh: 'पानी ठंडा, लेकिन दिल गर्मजोशी से भरे...', विदेशी श्रद्धालुओं ने भी लगाई संगम में डुबकी; बोले- हमें सनातन से प्यार

कड़ाके की इस ठंड के बीच विदेशी श्रद्धालुओं ने भी सुबह-सुबह संगम में डुबकी लगाई। इस दौरान उनका उत्साह भी देखने लायक था।

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Foreign devotees in Mahakumbh
Foreign devotees in Mahakumbh | Image: X- ANI

Mahakumbh 2025: वो दिन आखिरकार आ ही गया, जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतजार था। प्रयागराज में भव्य-दिव्य और अलौकिक महाकुंभ का महाआगाज हो गया है। पौष पूर्णिमा पर पहले स्नान पर श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा रहे हैं। इस दौरान देश ही नहीं विदेशी श्रद्धालुओं में भी महाकुंभ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सोमवार (13 जनवरी) को 'शाही स्नान' के साथ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम शुरू हो गया है। महाकुंभ मेले के दौरान पवित्र स्नान करने के लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालु प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर उमड़ रहे हैं।

कड़ाके की इस ठंड के बीच विदेशी श्रद्धालुओं ने भी सुबह-सुबह संगम में डुबकी लगाई। इस दौरान उनका उत्साह भी देखने लायक था। उनका कहना है कि पानी भले ही ठंडा हो, लेकिन उनके दिल गर्मजोशी से भरे हैं।

रूसी महिला ने लगाया ‘मेरा भारत महान’ का नारा

महाकुंभ 2025 के पहले शाही स्नान के मौके पर एक रूसी महिला सुबह-सुबह संगम के तट पर पहुंची। इस दौरान उन्होंने 'मेरा भारत महान' का नारा लगाते हुए कहा, "भारत एक महान देश है। हम पहली बार कुंभ मेले में आए हैं। यहां हम असली भारत को देख सकते हैं। असली शक्ति भारत के लोगों में निहित है। मैं इस पवित्र स्थान के लोगों के उत्साह को देख कांप रही हूं। मुझे भारत से प्यार है।"

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वहीं, महाकुंभ 2025 में साउथ अफ्रीका के केप टाउन से आए एक श्रद्धालु निक्की ने कहा, "यह बहुत शक्तिशाली है और हम गंगा नदी पर आकर बहुत धन्य महसूस कर रहे हैं।"

मैसूर के रहने वाले और अब जर्मन नागरिक जितेश प्रभाकर अपनी पत्नी सास्किया नॉफ और अपने बच्चे आदित्य के साथ महाकुंभ में पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा, "इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैं यहां (भारत में) रहता हूं या विदेश में... जुड़ाव होना चाहिए। मैं हर दिन योग का अभ्यास करता हूं। व्यक्ति को जमीन से जुड़े रहना चाहिए और हमेशा अपने भीतर की यात्रा करने की कोशिश करनी चाहिए।" वहीं, उनकी पत्नी सास्किया नॉफ ने कहा, "मैं महाकुंभ के लिए बहुत उत्साहित हूं। मुझे हमेशा यहां आना अच्छा लगता है।"

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'मोक्ष की तलाश में यहां आए हैं…'

इस मौके पर एक स्पेनिश श्रद्धालु जोस ने कहा, "हमारे यहां स्पेन, ब्राजील, पुर्तगाल से कई मित्र आए हैं। हम एक आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। मैंने पवित्र स्नान किया और मुझे इसका बहुत आनंद आया, मैं बहुत भाग्यशाली हूं।"

ब्राजीलियाई श्रद्धालु फ्रांसिस्को ने कहा, "मैं योग का अभ्यास करता हूं और मोक्ष की खोज कर रहा हूं। यहां नजारा अद्भुत है, भारत दुनिया का आध्यात्मिक हृदय है... पानी ठंडा है लेकिन दिल गर्मजोशी से भरा है।"

महाकुंभ में इस बार 6 शाही स्नान

प्रयागराज में महाकुंभ मेला एक महीने से ज्यादा समय तक चलेगा। इसका समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर को होगा। इस बार महाकुंभ में छह शाही स्नान होंगे। पहला शाही स्नान आज 13 जनवरी को हो रहा है। इसके बाद दूसरा शाही स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर होगा। वहीं तीसरा स्नान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा शाही स्नान 2 फरवरी को बसंत पंचमी पर, पांचवां शाही स्नान 12 फरवरी  को माघ पूर्णिमा पर होगा और आखिरी शाही स्नान 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर होगा।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड