भारत में पहली बार WCOG 2026... स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने गिनाईं हेल्थ सेक्टर की बड़ी उपलब्धियां, Global Healthcare में भारत का बड़ा कदम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली के यशोभूमि में विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी WCOG 2026 का उद्घाटन किया। भारत में पहली बार आयोजित इस चार दिवसीय वैश्विक सम्मेलन में 61 देशों के लगभग 3,000 चिकित्सक और शोधकर्ता भाग ले रहे हैं।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
भारत में पहली बार WCOG 2026... स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने गिनाईं हेल्थ सेक्टर की बड़ी उपलब्धियां, Global Healthcare में भारत का बड़ा कदम
भारत में पहली बार WCOG 2026... स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने गिनाईं हेल्थ सेक्टर की बड़ी उपलब्धियां, Global Healthcare में भारत का बड़ा कदम | Image: ANI

राजधानी दिल्ली के यशोभूमि में विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (WCOG) 2026 का ऐतिहासिक उद्घाटन हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। यह पहला अवसर है जब भारत इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जो 3 अक्टूबर तक चलेगा।

61 देशों के विशेषज्ञ और 'GI स्वास्थ्य के 10 सूत्र'

इस सम्मेलन में 61 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि जिनमें शीर्ष चिकित्सक, वैज्ञानिक और शोधकर्ता शामिल हैं। जिसमें पाचन और लीवर रोगों की चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर एकत्र हुए हैं। उद्घाटन के अवसर पर 'जीआई स्वास्थ्य के 10 सूत्र' 10 Commandments for GI Health जारी किए गए। यह साक्ष्य-आधारित दिशानिर्देश रोकथाम, शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवा में भारत की बढ़ती क्षमताएं

उद्घाटन भाषण में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि GI स्वास्थ्य सीधे तौर पर पोषण, मेटाबॉलिक हेल्थ और कैंसर से जुड़ा है। उन्होंने जोर दिया कि भारत ने चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा वितरण में अभूतपूर्व प्रगति की है। WCOG 2026 के माध्यम से भारत अपने नैदानिक अनुभवों को वैश्विक समुदाय के साथ साझा कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत होगा।

देश में 20,149 से ज्यादा जन औषधि केंद्र काम कर रहे हैं

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश में 20,149 से ज्यादा जन औषधि केंद्र सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की इन दूरदर्शी पहलों के चलते आम लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है। 

Advertisement

ये भी पढ़ें - 'यह आदमी एक मॉन्स्टर है, क्या शानदार जिंदगी है...', जब डोनाल्ड ट्रंप ने सुंदर पिचाई के सामने उनकी खूब की तारीफ, हंसते रह गए Google CEO, VIDEO

Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड