7 देशों के राष्ट्रपति, 9 प्रधानमंत्री और कई CEO... पांच दिवसीय AI Impact Summit में 16 देशों के राष्ट्राध्यक्ष होंगे शामिल, देखिए पूरी लिस्ट

AI Impact Summit: AI सर्विसेज में जबरदस्त बढ़ोतरी की वजह से दुनिया के सामने कई बुनियादी सवाल हैं, और अगले पांच दिनों में इन पर सबसे ज्यादा बातचीत भारत में होने वाली है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
AI Impact Summit
AI Impact Summit | Image: impact.indiaai.gov.in

AI Impact Summit: AI सर्विसेज में जबरदस्त बढ़ोतरी की वजह से दुनिया के सामने कई बुनियादी सवाल हैं, और अगले पांच दिनों में इन पर सबसे ज्यादा बातचीत भारत में होने वाली है। नई दिल्ली इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 को होस्ट करेगी। 16 से 20 फरवरी के बीच, दुनिया के कई ग्लोबल लीडर आज दुनिया के सामने मौजूद जरूरी सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे।

इस समिट में 7 देशों के राष्ट्रपति, 2 उपराष्ट्रपति, 9 प्रधानमंत्री और कई CEO शामिल होंगे। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।

कौन-कौन शामिल होगा?

MEA के मुताबिक, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, एस्टोनिया के राष्ट्रपति आलार कारिस, स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलन इस सम्मेलन में शामिल होंगे।

इनके अलावा, उपराष्ट्रपतियों में गुयाना के भरत जगदेव और सेशेल्स के सेबेस्टियन पिलाय अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो, स्पेन के पेड्रो प्रधानमंत्री सांचेज, ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलजास बेक्टेनोव और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी समिट का हिस्सा बनेंगे।

Advertisement

इतना ही नहीं, अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई, OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन, गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई भी इस समिट में शामिल होकर AI पर होने वाली इस अहम बातचीत का हिस्सा बनेंगे।

AI समिट का एजेंडा क्या है?

समिट में पॉलिसी, टेक्नोलॉजी और समाज पर असर डालने वाले 700 से ज्यादा सेशन होंगे। ये होंगे थीम्स -

Advertisement
  • AI सेफ्टी और भरोसेमंद सिस्टम
  • गवर्नेंस और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
  • एथिकल AI डेवलपमेंट और अकाउंटेबिलिटी
  • डेटा प्रोटेक्शन और डिजिटल सॉवरेनिटी
  • भारत की लंबे समय की संप्रभु AI स्ट्रैटेजी
  • आर्थिक विकास और लोगों की भलाई के लिए AI

इस समिट के लिए भारत का रुख क्या है?

भारत का रुख कुछ अलग है। जहां पिछली समिट्स में खतरनाक जोखिमों और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर बात हुई थी, वहीं नई दिल्ली बातचीत को इलेक्ट्रॉनिक्स और IT सेक्रेटरी एस कृष्णन के शब्दों में “पीपल, प्लैनेट, और प्रोग्रेस” पर फोकस कर रहा है, ताकि ऐसे AI सॉल्यूशन बनाए जा सकें जो जमीनी मुद्दों पर फोकस करें। यह तरीका भारत की एक उभरती हुई AI पावर और ग्लोबल साउथ की आवाज, दोनों के तौर पर स्थिति को दिखाता है।

इस समिट से क्या उम्मीदें हैं?

केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस समिट को अब तक का सबसे बड़ा समिट बताया है। उन्होंने पिछले महीने कहा था कि सरकार को दुनिया भर से शानदार रिस्पॉन्स मिला है। दुनियाभर की कई सरकारें, इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशन्स इस इवेंट में शामिल होने वाले हैं। इसमें 100 से ज्यादा देशों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें 15 से 20 देशों के हेड्स शामिल होंगे।

ये भी पढ़ेंः तारिक रहमान के शपथ ग्रहण में भारत की ओर से शामिल होंगे ये नेता

Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड