'श्री कृष्ण जी भी पांचों वक्त नमाज पढ़ते...', विवादित बयान देकर बुरे फंसे मौलाना जरजिस, लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज हुई FIR

भगवान श्री कृष्ण पर दिए गए विवादित बयान को लेकर मौलाना जरजिस अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अब इसके बाद मौलाना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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 Maulana Jarjis Ansari
Maulana Jarjis Ansari | Image: Republic

FIR Registered on Maulana Jarjis: यूपी के इटावा के रहने वाले मौलाना जजरिस अंसारी के बयान को लेकर सियासी और सामाजिक माहौल गरमा गया है। भगवान श्री कृष्ण को ‘पांच वक्त का नमाजी’ बताने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

दरअसल, हिंदूवादी नेता शिशिर चतुर्वेदी ने मौलाना जरजिस अंसारी के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक लिखित तहरीर दी थी। शिशिर चतुर्वेदी ने पुलिस को चेतावनी भी दी कि अगर इस मामले में तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई, तो वे कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। खबरों के मुताबिक, इस कड़ी चेतावनी और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और शिकायत मिलने के कुछ ही समय के भीतर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

विवादित बयान पर साधु-संतों के बीच भारी उबाल

मौलाना जरजिस के बयान को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इतना ही नहीं, इसे लेकर साधु-संतों के बीच भी भारी उबाल है। अयोध्या के संत विष्णु दास ने मौलान जरजिस के बयान की आलोचना की। उनका कहना है कि इटावा का मौलाना भगवान श्री कृष्ण को मुसलमान और गीता के श्लोक का अर्थ गलत बताता है। ऐसे मौलाना न सिर्फ संस्कृति सनातन के खिलाफ बोलते हैं बल्कि, कृ्ष्ण भक्तों की आस्था के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी इस मौलाना की जीभ काटकर लाएगा उसे 10 लाख रुपये इनाम दिया जाएगा।

अखिलेश यादव से की प्रतिक्रिया की मांग

उन्होंने भी मांग की कि ऐसे मौलाना पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। हिंदुस्तान में इनकी कोई जगह नहीं होनी चाहिए और इन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए। संत ने सपा प्रमुख पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव चुप हैं, जबकि उन्हें इस मौलाना का विरोध करना चाहिए। अखिलेश यादव अपने आप को यदुवंशी बनते हैं तो विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं?

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मौलाना के किस बयान पर मचा है बवाल?

मौलाना जरजिश अंसारी ने झारखंड में 23 जून को एक सभा को संबोधित करते हुए भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, 'हमारे भाई अगर बुरा न मानें तो कृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे। यकीन न आए तो श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय का 10वां श्लोक देख लीजिए- योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः एकाकी... जिसमें श्री कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन, ईश्वर की पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो। योगी... यूपी वाले नहीं। पूरे शरीर का योग करो, यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, बल्कि पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए।'

उन्होंने आगे कहा, 'आज हिंदू धर्म में चले जाइए, लोग सिर्फ ऐसे हाथ उठाएंगे- ओम नम: शिवाय, बस हो गई पूजा। ये हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है। अगर ये अपनी किताबें पढ़ लें। योगी जी बड़े भक्त बनते हैं राम के और अगर अपनी किताबें पढ़ लें, तो यकीन मानिए इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। क्योंकि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का धर्म नहीं है। ये उनका भी धर्म है। इसी दीन (इस्लाम) और धर्म को रामचंद्र जी और कृष्ण जी ने भी पेश किया है।'

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड