पहचान छिपा पंडित जी वैष्णो ढाबा चला रहे सनव्वर और आदिल समेत 5 पर FIR, मैनेजर ने बताया सच तो कर दी पिटाई, यहीं पेंट उतरवाकर...
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित एक ढाबे को लेकर शुरू हुआ पहचान विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले में ढाबा संचालक समेत 5 पर FIR दर्ज हुआ है।
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित एक ढाबे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। पंडित जी शुद्ध वैष्णो भोजनालय (ढाबा) संचालक पर धार्मिक पहचान छिपाने के साथ-साथ मैंनेजर के साथ मारपीट करने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। बता दें कि यह वही ढाबा है, जहां पैंट उतरवाकर पहचान करने के मामले ने सियासी तुल पकड़ लिया है। ढाबा संचालक का नाम सनव्वर है। सनव्वर के साथ-साथ उसके बेटे आदिल, जुबैर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित एक ढाबे को लेकर शुरू हुआ पहचान जांच का मामला ने अब नया मोड़ आ गया है। स्वामी यशवीर महाराज की टीम द्वारा ढाबा मालिकों की जांच के बाद विवाद और तेज हो गया है। अब इस मामले में दोनों पक्षों पर पुलिस कार्रवाई शुरू कर चुकी है, जिससे यह मामला राजनीतिक रंग लेता जा रहा है।
ढाबा संचालक सनव्वर समेत 5 पर FIR
न्यू मंडी थाना क्षेत्र में स्थित "पंडित जी वैष्णो ढाबा" के संचालक सनव्वर, उनके बेटे आदिल, जुबैर और दो अन्य लोगों पर FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि इन्होंने ढाबे के पूर्व मैनेजर धर्मेंद्र के साथ मारपीट की। धर्मेंद्र पर आरोप है कि उसने ने ही खुलासा किया था कि हिंदू नाम वाले इस ढाबे का मालिक मुस्लिम है और इसी वजह से सनव्वर उसका बेटा और अन्य ने उनके साथ मारपीट की।
स्वामी यशवीर की टीम को भी नोटिस
वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने बघरा आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज के आश्रम से जुड़े छह लोगों को भी नोटिस जारी किया है। जिनमें सुमित बहरागी, रोहित, विवेक, सुमित, सनी और राकेश शामिल हैं। उन्हें तीन दिन के भीतर थाने में पेश होने को कहा गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने प्रशासन की अनुमति के बिना कांवड़ यात्रा मार्ग पर ढाबा मालिकों की पेंट उतरावकर पहचान की थी।
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पेंट उतरवाने के मामले ने पकड़ा था तूल
ढाबा के एक कर्मचारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वामी यशवीर महाराज की टीम ने पहचान के नाम पर उससे जबरन पेंट उतारने की कोशिश की थी। हालांकि, इस आरोप को महाराज ने खारिज करते हुए कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उन्हें भी नोटिस भेजे जा सकते हैं। प्रशासन इसे गंभीर मामला मानकर सभी कानूनी पहलुओं की जांच कर रहा है।