SIR पर विवादों के बीच चुनाव आयोग की अहम बैठक, CEC ज्ञानेश कुमार के साथ दोनों चुनाव आयुक्त भी मौजूद, दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी डेड लाइन

SIR पर विवादों के बीच चुनाव आयोग की आज अहम बैठक हुई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दोनों चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी एक साथ मौजूद रहे। जानें बैठक में क्या-क्या बड़े फैसले लिए गए।

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ECI Announces Key Measures for SIR Process, Extends Deadlines in Delhi and Maharashtra After Key Meeting
SIR पर विवादों के बीच चुनाव आयोग की अहम बैठक | Image: X

मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगे आरोपों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवादों के बीच शनिवार को चुनाव आयोग की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ दोनों चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी एक साथ मौजूद रहे। आयोग ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि SIR से जुड़े सभी बड़े फैसले पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। बैठक में दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाने का भी फैसला लिया गया।

आयोग की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि हाल के महीनों में बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में SIR को लेकर जो भी फैसले हुए, वे सभी सर्वसम्मति से लिए गए थे।  दोनों चुनाव आयुक्त की हर फैसले में सहमति थी। बैठक में एसआईआर प्रक्रिया को और सरल व पारदर्शी बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए गए। इन फैसलों का मकसद स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को बेहतर बनाना, कमजोर वर्गों की मदद करना और अंदरूनी प्रक्रियाओं को मजबूत करना है।

BLO को दी गई बड़ी जिम्मेदारी

SIR के दौरान गलत एंट्री या लॉजिकल गड़बड़ियों की वजह से नोटिस पाने वाले वोटरों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) दस्तावेज लेने के लिए उनके घर जाएंगे। इन दस्तावेजो को ECINet पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा ताकि इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) उन पर फैसला ले सकें। ऐसे लोगों को आम तौर पर ERO या असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के ऑफिस में सुनवाई के लिए पेश होने की ज़रूरत नहीं होगी।

आयोग ने ऑनलाइन सुनवाई पर दिया जोर

खास मामलों में सुनवाई की जरूरत पड़ी तो उसे ऑनलाइन करने को प्राथमिकता दी जाएगी और वोटर की तरफ से परिवार के किसी भी बालिग सदस्य को शामिल होने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। आयोग ने ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को मजबूत करने का निर्देश दिया। जिला चुनाव अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया गया है कि नाइट शेल्टर में रहने वाले, मजदूर, गरीब और बेघर लोगों के लिए हेल्प डेस्क व विशेष कैंप लगाए जाएं।

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फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

SIR के लिए फॉर्म-6 के साथ लगा डिक्लेरेशन फॉर्म सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया है। नॉन-एसआईआर अवधि के लिए पुराने नियमों (रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स 1960) के अनुसार ही फॉर्म इस्तेमाल होंगे।

समिति करेगी ECINET की समीक्षा

फील्ड अधिकारियों को ईसीआईनेट पर रोल-बेस्ड एक्सेस उपलब्ध है। अब सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में आईआईटी/आईआईआईटी के स्वतंत्र विशेषज्ञों वाली एक समिति ECINET की समीक्षा करेगी कि वह कानून और नियमों के अनुरूप है या नहीं। राज्य मुख्य चुनाव अधिकारियों के सुझाव पर पोर्टल में पहले ही सुधार किए जा चुके हैं। जरूरत पड़ने पर फील्ड अधिकारियों को और लचीलापन दिया जाएगा।

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विदेश दौरे के लिए आयोग की पूर्व मंजूरी जरूरी

अब से आईटी से जुड़ा कोई भी नया प्रोजेक्ट अधिकारियों की समिति (सीओओ) में चर्चा के बाद ही आयोग से मंजूर होगा। आयोग की हर बैठक का एजेंडा पहले भेजा जाएगा और मिनट्स जारी किए जाएंगे। अधिकारियों के विदेश दौरे के लिए आयोग की पूर्व मंजूरी अनिवार्य होगी। कमिश्नरों द्वारा अधिकारियों को दिए गए सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड