2252 KM की देशभक्ति राइड और राष्ट्रप्रेम का पाठ...डोंबिवली से कारगिल तक तिरंगे के सम्मान का सफर दहीहंडी उत्सव के साथ हुआ समाप्‍त

15 अगस्त को कारगिल में करीब 1000 वर्ग फुट का विशाल तिरंगा फहराया गया। इसके अलावा विजयपथ पर 12 वर्ग फुट आकार के 42 तिरंगे फहराकर देश के वीर जवानों को नमन किया गया।

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Ride From Dombivli To Kargil Honouring Indian Soldiers ends on dahi handi festival
Ride From Dombivli To Kargil Honouring Indian Soldiers ends on dahi handi festival | Image: X

भारतीय जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश लेकर डोंबिवली से कारगिल तक निकली रोहित आचरेकर और उनके साथियों की देशभक्ति राइड का शनिवार को डोंबिवली में समापन हुआ। ‘एक बंधन, रक्षाबंधन’ उपक्रम के तहत शुरू हुई यह यात्रा डोंबिवली की पहचान माने जाने वाले दहीहंडी उत्सव में सहभागिता के साथ पूरी हुई। रोहित आचरेकर के ‘वे टू कॉज राइडर्स क्लब’ की ओर से पिछले 20 वर्षों से ‘एक बंधन, रक्षाबंधन’ अभियान चलाया जा रहा है।

भारतीय जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने वाली इस पहल को पिछले कुछ वर्षों से भाजपा महाराष्ट्र प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के ‘डोंबिवलीकर एक सांस्कृतिक परिवार’ के माध्यम से सहयोग मिल रहा है। इस वर्ष की राइड ‘शिवराष्ट्र – राष्ट्र प्रथम, वीर सर्वोपरि’ की भावना को समर्पित रही। अभियान के तहत डोंबिवली से कारगिल तक 2252 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की गई। 15 अगस्त को कारगिल में करीब 1000 वर्ग फुट का विशाल तिरंगा फहराया गया। इसके अलावा विजयपथ पर 12 वर्ग फुट आकार के 42 तिरंगे फहराकर देश के वीर जवानों को नमन किया गया।

कारगिल के बाद बाइक राइड लेह, तुरतुक, पेंगोंग लेक, हानले, उमलिंग ला और लामायुरू जैसे दुर्गम इलाकों तक पहुंची। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन स्थानों पर 80 वर्ग फुट के तिरंगे का हैंड होइस्टिंग कर राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। पूरी यात्रा के दौरान देशभक्ति, तिरंगे के सम्मान और भारतीय सैनिकों के प्रति कृतज्ञता का संदेश दिया गया।

कारगिल में जवानों के साथ मनाया रक्षाबंधन

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इस यात्रा का सबसे भावुक पल 28 अगस्त को कारगिल में देखने को मिला। रोहित आचरेकर और उनके साथियों ने भारतीय सैनिकों के साथ रक्षाबंधन मनाया और जवानों की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। जवानों और नागरिकों के बीच स्नेह एवं विश्वास के रिश्ते को मजबूत करने वाला यह पल यात्रा की खास यादों में शामिल रहा।

कारगिल से शुरू हुआ यह देशभक्ति का सफर विभिन्न दुर्गम क्षेत्रों से होते हुए शनिवार को दोबारा डोंबिवली पहुंचा। सीमा पर तिरंगा फहराने, दुर्गम इलाकों में राष्ट्रध्वज का सम्मान करने और भारतीय जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाने के बाद यात्रा का समापन डोंबिवली के दहीहंडी उत्सव में सहभागिता के साथ हुआ। कारगिल से डोंबिवली तक तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश लेकर पहुंची यह यात्रा शहरवासियों के लिए गर्व का विषय बनी। 

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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