ममता बनर्जी की रैली में अचानक मच गई भगदड़... ताबड़तोड़ फेंके गए अंडे, लगे चोर-चोर के नारे, दीदी बोलीं- पुलिस प्रशासन BJP कार्यकर्ता की तरह...

आरोप है कि बालीगंज फारी से हाजरा मोड़ तक ममता बनर्जी की रैली के दौरान अंडे फेंके गए। इतना ही नहीं, इस दौरान ममता बनर्जी और पार्टी समर्थकों के विरोध में चोर-चोर के नारे भी लगाए गए।

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Eggs thrown at Mamata Banerjee Rally
Eggs thrown at Mamata Banerjee Rally | Image: ANI

Eggs thrown at Mamata Banerjee Rally: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज, 8 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस ने एक विशाल विरोध रैली निकाली। यह रैली बारुईपुर में 11 साल की नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की वीभत्स घटना के खिलाफ आयोजित की गई थी। इस दौरान तब तनाव  तब और बढ़ गया जब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के लोगों पर उनकी शांतिपूर्ण रैली में अंडे फेंकने का आरोप लगाया।

आरोप है कि बालीगंज फारी से हाजरा मोड़ तक ममता बनर्जी की रैली के दौरान अंडे फेंके गए। इतना ही नहीं, इस दौरान ममता बनर्जी और पार्टी समर्थकों के विरोध में चोर-चोर के नारे भी लगाए गए। इसके बाद हंगामा इतना बढ़ गया कि हालात हाथापाई तक जा पहुंचे।

'ममता बनर्जी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ'

अब इस पर TMC सांसद कल्याण बनर्जी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल में हिंसा की ऐसी घटनाएं पहले कभी नहीं देखी गईं। सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से जिस तरह की बदले की राजनीति हो रही है। हमारे युवा और छात्र संगठन हाई कोर्ट से मंजूरी लेकर रैली करने निकले थे। लेकिन, जिस तरह से सुबह से ही भाजपा के 300 लोगों ने बिना हेलमेट के बाइक रैली की और ममता बनर्जी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, ऐसा कभी नहीं हुआ।'

महिलाओं के साथ मारपीट की गई- कल्याण बनर्जी

उन्होंने आगे कहा, 'ये लोग अपराधी हैं; उन्होंने कालीघाट से बालीगंज तक पूरे रास्ते डीजे पर तेज आवाज में गाने बजाए। भाजपा के लोगों ने रैली के दौरान हमारे लोगों, महिलाओं के साथ मारपीट की और पुलिस ने यह सब होने दिया। यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही।'

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मेरे घर से लेकर बालीगंज तक तांडव हो रहा- ममता 

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, 'हम सब जानते हैं कि आप सत्ता में कैसे आए। यहां पुलिस हम पर नजर रख रही है, लेकिन जहां महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं, वहां वे मौजूद नहीं हैं। पूरे इलाके में कालीघाट और मेरे घर से लेकर बालीगंज तक तांडव हो रहा है। क्या बंगाल की जनता यही 'बदलाव' चाहती थी?'

'भाजपा कार्यकर्ताओं को कैसे गुंडागर्दी करने दी?'

'दीदी' ने आगे कहा, 'हमें रैली के लिए कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ती है। हमने कोर्ट की मंजूरी के बाद रैली की, फिर भी आपने देखा कि लोगों पर कैसे हमले हुए। जो लोग राम के नाम पर पैसे लूटते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। राम का नाम बदनाम न करें। हाई कोर्ट ने हमें इजाजत दी थी; मैं इसके लिए भाजपा को नहीं, बल्कि पुलिस और प्रशासन को जिम्मेदार मानती हूं। अगर आप चाहते तो रैली शांतिपूर्ण ढंग से हो सकती थी, लेकिन आपने भाजपा कार्यकर्ताओं को गुंडागर्दी करने दी। यहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यह उत्तर प्रदेश के हालात से भी बदतर है।'

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'हाई कोर्ट की मंजूरी का उल्लंघन कैसे किया?'

उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने रैली के लिए हाई कोर्ट की मंजूरी का उल्लंघन कैसे किया? यह कोर्ट की अवमानना ​​है। वे लोगों को सुरक्षा देने में नाकाम रहे हैं। वे बस हमारे कार्यकर्ताओं पर हमले करते हैं; मैं भाजपा की निंदा करती हूं।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड