ऑनलाइन बेटिंग के पीछे हजारों करोड़ का नेटवर्क? ED की छापेमारी के बाद 8 एजेंसियों तक पहुंची अब नई शिकायत; जानिए रडार पर कौन?

ऑनलाइन बेटिंग और साइबर फ्रॉड से जुड़े कथित नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
ed probes alleged online betting network
ऑनलाइन बेटिंग के पीछे हजारों करोड़ का नेटवर्क? ED की छापेमारी के बाद 8 एजेंसियों तक पहुंची अब नई शिकायत; जानिए रडार पर कौन? | Image: X

ऑनलाइन बेटिंग और साइबर फ्रॉड से जुड़े कथित नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। 13 अक्टूबर 2026 को की गई छापेमारी के बाद अब एक नई शिकायत में कई बड़े नामों का उल्लेख करते हुए जांच एजेंसियों से व्यापक जांच की मांग की गई है। शिकायत में समुंदर सिंह राठौड़, मुकेश जैन और पहले से गिरफ्तार एडसम फिनटेक के संस्थापक राम यू. रामधानी के कथित वित्तीय संबंधों की जांच की मांग की गई है।

सामाजिक कार्यकर्ता संतोष घोलप ने इस मामले में आठ केंद्रीय एजेंसियों को शिकायत भेजकर व्यापक वित्तीय जांच और आपसी समन्वय से कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शिकायत में समुद्र सिंह राठौड़ और मुकेश जैन की कथित भूमिका की जांच के साथ राम उर्फ रामधानी और सागर दास के संभावित कारोबारी एवं वित्तीय संबंधों की भी पड़ताल करने की मांग की गई है। इसमें पुणे में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से की गई हालिया कार्रवाई से जुड़े संभावित वित्तीय लेन-देन की जांच का मुद्दा भी उठाया गया है।

शिकायत के अनुसार, 27 अक्टूबर को ईडी ने समुद्र सिंह राठौड़ और मुकेश जैन के कथित सहयोगी सागर दास को गिरफ्तार किया था। इससे पहले 13 अक्टूबर को एजेंसी ने पुणे, मुंबई और अन्य स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। यह कार्रवाई कथित तौर पर ऑल पैनल एक्सचेंज से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के सिलसिले में की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस नेटवर्क का दायरा केवल ऑनलाइन बेटिंग तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसमें साइबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन मटका और गोवा के कुछ कैसीनो से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी संभावित भूमिका हो सकती है। शिकायत में इन सभी गतिविधियों के बीच वित्तीय संबंधों की जांच करने का आग्रह किया गया है।

बैंक खातों और यूपीआई के इस्तेमाल का आरोप

Advertisement

शिकायत में दावा किया गया है कि कथित नेटवर्क बड़ी संख्या में म्यूल बैंक खातों, यूपीआई खातों और अन्य वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल करता था। इन खातों के जरिए ऑनलाइन बेटिंग, मटका, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और कैसीनो से संबंधित धनराशि के लेन-देन किए जाने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कैसीनो ग्राहकों से प्राप्त धन को अलग-अलग बैंक खातों और वित्तीय माध्यमों से ट्रांसफर कर टैक्स तथा अन्य वैधानिक देनदारियों से बचने की कोशिश की जा सकती थी। इस संबंध में आयकर, जीएसटी और सरकारी राजस्व से जुड़ी संभावित अनियमितताओं की भी जांच की मांग की गई है।

दुबई कनेक्शन और महादेव बेटिंग नेटवर्क की भी जांच की मांग

Advertisement

शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि कथित नेटवर्क का संचालन मुंबई, पुणे और गोवा के अलावा दिल्ली, बेंगलुरु तथा अन्य शहरों में स्थित छोटे कॉल सेंटरों और कार्यालयों के माध्यम से किया जा रहा हो सकता है। शिकायत में इसके दुबई से नियंत्रित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

इसके साथ ही दुबई से संचालित महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग नेटवर्क के साथ संभावित वित्तीय और लेन-देन संबंधों की जांच करने का भी अनुरोध किया गया है। इस नेटवर्क के संदर्भ में सौरभ चंद्राकर और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। शिकायतकर्ता ने इससे जुड़े लगभग 80,000 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन के दावों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता जताई है।

आठ केंद्रीय एजेंसियों को भेजी गई शिकायत में ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से होने वाली कमाई, तीसरे पक्ष के बैंक खातों, संदिग्ध फंड ट्रांसफर, क्रिप्टोकरेंसी, हवाला नेटवर्क और विदेशों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की समन्वित जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच एजेंसियों को इस कथित नेटवर्क के धन के स्रोत, वास्तविक लाभार्थियों और अंतिम गंतव्य का पता लगाना चाहिए। साथ ही, यदि जांच में वित्तीय अनियमितताओं या गैरकानूनी गतिविधियों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित वित्तीय संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि जांच एजेंसियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।

इसे भी पढ़ें- बेंगलुरु में नरसंहार, कैब ड्राइवर ने पत्‍नी, सास और साला-साली समेत 7 का किया मर्डर; पारिवारिक झगड़े के चलते बन गया हैवान

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड