इबोला का खतरा भारत पहुंचा? युगांडा से जयपुर आई महिला आइसोलेट, टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार
Rajasthan News: जयपुर में इबोला का संदिग्ध मामला सामने आया है। शारजाह से आई युगांडा की एक महिला को एयरपोर्ट स्क्रीनिंग में इबोला जैसे लक्षण दिखने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। सैंपल पुणे की विशेष लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आज शाम या कल सुबह तक आने की संभावना।
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राजस्थान में इबोला वायरस का संदिग्ध मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। युगांडा से शारजाह होते हुए जयपुर पहुंची एक महिला को शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पर रूटीन स्क्रीनिंग के दौरान इबोला जैसे लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद तुरंत स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू कर उन्हें राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) अस्पताल में सख्त आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया।
अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि अभी इबोला की पुष्टि नहीं हुई है। महिला के सैंपल पुणे की विशेष प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आज शाम या कल सुबह तक आ सकती है। तब तक डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी पूरी सावधानी बरत रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अफ्रीका के कुछ देशों में बंडीबुग्यो स्ट्रेन का इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित कर दिया था। अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने भी इसे महाद्वीपीय आपातकाल बताया है।
गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह
केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और साउथ सूडान की गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी है। पॉइंट्स ऑफ एंट्री पर निगरानी बढ़ा दी गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
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भारत ने भेजी मदद
भारत ने इबोला से लड़ रहे अफ्रीकी देशों को मदद भी पहुंचाई है। भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से 2 जून को युगांडा को महत्वपूर्ण चिकित्सा सामग्री भेजी गई। इसमें पहले चरण में 2.5 टन और दूसरे चरण में 43 टन सामग्री शामिल है। इसमें PPE किट, डायग्नोस्टिक उपकरण, दवाइयां और इंफेक्शन प्रिवेंशन सामग्री है।
गौरतलब है कि बुधवार को हैदराबाद एयरपोर्ट पर भी एक सूडानी नागरिक को बुखार के कारण आइसोलेट किया गया था। उसके सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
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अभी तक कोई वैक्सीन नहीं
इबोला एक गंभीर वायरल हेमोरेजिक फीवर है जो बंडीबुग्यो स्ट्रेन से फैलता है। इसकी मृत्यु दर काफी ऊंची हो सकती है। अभी तक इस स्ट्रेन के लिए कोई वैक्सीन या सही इलाज मंजूर नहीं है। भारत में अब तक इस स्ट्रेन का कोई मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से अपील की है कि वे लक्षण दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करें। राजस्थान सरकार ने सभी जिला अस्पतालों को अलर्ट जारी कर दिया है।