Earthquake: भारत के इस राज्य में सुबह-सुबह कांपी धरती, जोरदार भूकंप से डर गए लोग; जानिए कितनी रही तीव्रता?
Earthquake: भारत में आज यानी मंगलवार को जोरदार भूकंप आया है। जब लोग गहरी नींद में सोए थे, तभी धरती हिलने लगी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, यह भूकंप लद्दाख के लेह में आया है।
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Ladakh Earthquake: भारत में जोरदार भूकंप से खलबली मच गई है। लद्दाख की लेह आज यानी गुरुवार की सुबह भूकंप से कांप उठी। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दहशत में आ गए और आनन-फानन में घरों से बाहर निकल आए।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, लद्दाख के लेह में गुरुवार तड़के 3 बजकर 54 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई है। इस भूकंप की गहराई 150 किमी धरती के अंदर थी।
जानमाल के नुकसान की खबर नहीं
जब लोग गहरी नींद में सोए थे, तभी धरती हिलने लगी। नींद खुलने पर घर के अंदर रखी चीजें हिलती दिखीं। पंखे भी डोलने लगे, जिसे देख लोग दहशत में आ गए। फिर भूकंप का एहसास होते ही लोग अपने घरों से भागते हुए बाहर निकले। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
क्यों आता है भूकंप (Earthquake)?
भूकंप तब आते हैं जब टेक्टोनिक प्लेट अचानक एक-दूसरे से खिसक जाती हैं, जिससे भूकंपीय तरंगों के रूप में जमा ऊर्जा निकलती है। ये प्लेटें पृथ्वी की सतह के नीचे एक अर्ध-तरल परत पर स्थित होती हैं और सतह के नीचे लगातार धीमी गति से चलती रहती हैं। कभी-कभी विशाल प्लेटें आपस में टकराती हैं, अलग हो जाती हैं या एक-दूसरे के खिलाफ खिसकती हैं जिससे जमीन हिलती है।
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प्लेट की हरकतों के तीन प्रकार मुख्य रूप से भूकंप का कारण बनते हैं, जिनमें अभिसारी सीमाएं होती हैं। ऐसे में प्लेटें टकराती हैं और एक दूसरे के नीचे चली जाती हैं। अपसारी सीमा की स्थिति में प्लेटें अलग हो जाती हैं और मैग्मा ऊपर आकर एक नई सतह बनाता है और सीमाएं बदलता है, जहां प्लेटें क्षैतिज रूप से एक-दूसरे से खिसकती हैं, जिससे घर्षण और तनाव पैदा होता है जो आखिर में भूकंप का कारण बनता है। हालांकि, ज्वालामुखी गतिविधि भी भूकंप को ट्रिगर करने का एक कारण हो सकती है, क्योंकि मैग्मा पृथ्वी की सतह के नीचे चला जाता है।