ड्रोन, रॉकेट लॉन्‍चर और...दिल्‍ली में हमास जैसे हमले की थी साजिश; लाल किला धमाके में गिरफ्तार आतंकी दानिश के मोबाइल ने उगले बड़े राज

जसीर बिलाल उर्फ दानिश को दिल्ली ब्लास्ट के को-कॉन्स्पिरेटर बताया जा रहा है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी 17 नवंबर को उसे जम्मु के अनंतनाग से गिरफ्तार किया था।

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Delhi Blast
Delhi Blast | Image: AP

Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट मामले में चल रही जांच में आतंकी दानिश के मोबाइल से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। डिलीट की गई चैट हिस्ट्री, फोटो, वीडियो और ऐप डेटा की जांच से पता चला है कि दानिश कई महीनों से ड्रोन तकनीक और हथियार बनाने की रणनीति पर काम कर रहा था। जांच में मिली जानकारी के मुताबिक, दानिश के फोन में दर्जनों ड्रोन की तस्वीरें मिली हैं, जिनमें हमास जैसे आतंकवादी संगठन द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन के मॉडल भी शामिल हैं। 

ये तस्वीरें यह दर्शाती हैं कि दानिश ने ड्रोन तकनीक काफी गहराई से सीखी थी। पूछताछ के दौरान दानिश ने स्वीकार किया कि वह हल्के ड्रोन विकसित करने में लगा था, जो कम से कम 25 किलोमीटर की दूरी तक उड़ान भर सकें और हमले कर सकें। इसके अलावा, उसके फोन में रॉकेट लॉन्चर और विस्फोटक लगाने के कई वीडियो भी मौजूद थे। इन वीडियो में ड्रोन को मॉडिफाई करने और उसमें विस्फोटक स्थापित करने के तरीकों को विस्तार से दिखाया गया था।

बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की रच रहा था साजिश

जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि ये वीडियो और अन्य संवेदनशील जानकारी एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से भेजी जा रही थी। इस ऐप से जुड़े कई विदेशी नंबर भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि दानिश ड्रोन तकनीक की बुनियादी और उन्नत जानकारी हासिल कर चुका था और किसी बड़े आतंकी काम को अंजाम देने की तैयारी में था। मामले की जांच अभी जारी है, और एजेंसियां दानिश के आतंकवादी नेटवर्क और उसकी विदेशी संपर्कों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

कौन है आतंकी दानिश?

जसीर बिलाल उर्फ दानिश को दिल्ली ब्लास्ट के को-कॉन्स्पिरेटर बताया जा रहा है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी 17 नवंबर को उसे जम्मु के अनंतनाग से गिरफ्तार किया था। कुछ दावों की माने तो, लाल किले पर हमला करने वाले डॉ. उमर उसे दिल्ली बम धमाके की साजिश के लिए सुसाइड बॉम्बर के तौर पर तैयार कर रहा था। अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला दानिश, उमर को टेक्निकल सपोर्ट भी दे रहा था।

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दिल्ली विस्फोट में 15 लोगों की गई जान

10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास एक कार में हुए विस्फोट ने कम से कम 15 लोगों की जान लेली थी और 20 से अधिक घायल हुए। जांच में इस धामके के पीछे ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ सामने आया है, जो जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे पाकिस्तान-आधारित संगठनों से जुड़ा है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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