सालों की लड़ाई रंग लाई... डोंबिवली के पिंपलेश्वर मंदिर को सवा 4 एकड़ भूमि मिली, 8 जून को ऐतिहासिक धार्मिक उत्सव की तैयारी; सीएम फडणवीस सहित दिग्गज नेता रहेंगे उपस्थित

महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक रविंद्र चव्हाण ने मंदिर भूमि देवस्थान के अधिकार में सौंपने के निर्णय के लिए सीएम फडणवीस का आभार जताया।

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Dombivali's Pimpaleshwar Temple Receives 4.25 Acres of Land
Dombivali's Pimpaleshwar Temple Receives 4.25 Acres of Land | Image: Republic

ठाणे के डोंबिवली स्थित पिंपळेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े लंबे समय से लंबित भूमि विवाद का समाधान होने के बाद मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल है। महायुति सरकार द्वारा मंदिर के लिए 4 एकड़ 25 गुंठा भूमि मंजूर किए जाने के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक रविंद्र चव्हाण ने सोमवार तड़के अपनी धर्मपत्नी के साथ मंदिर में संकल्प पूर्ति पूजन किया। उन्होंने मंदिर भूमि देवस्थान के अधिकार में सौंपने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विशेष आभार व्यक्त किया।

8 जून को शिवोत्सव में शामिल होने सीएम फडणवीस

रविंद्र चव्हाण ने बताया कि इस ऐतिहासिक निर्णय के उपलक्ष्य में 8 जून 2026 को श्री पिंपळेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भव्य शिवोत्सव, भजन-कीर्तन महोत्सव तथा कृतज्ञता समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्राताई पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, उद्योग मंत्री उदय सामंत सहित राज्य के कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे तथा भगवान पिंपळेश्वर महादेव के दर्शन करेंगे।

दो दशक की लंबी लड़ाई के बाद मिली सफलता

इस अवसर पर रविंद्र चव्हाण ने कहा कि महायुति सरकार के सहयोग से विभिन्न विभागों द्वारा आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाने के कारण मंदिर भूमि से जुड़े लगभग दो दशक पुराने संघर्ष को अंततः सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि यह क्षण हजारों शिवभक्तों, ग्रामवासियों और डोंबिवली के नागरिकों के लिए अत्यंत गर्व और खुशी का विषय है। मंदिर भूमि के इस मुद्दे के समाधान के लिए पिछले लगभग दो दशक से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। ग्राम सभाओं, शासकीय बैठकों, कानूनी प्रक्रियाओं और जनआंदोलनों के माध्यम से इस विषय को सरकार के समक्ष लगातार उठाया गया। इस आंदोलन को गति देने के लिए 20 अगस्त 2012 को भारतीय जनता पार्टी ने डोंबिवली बंद का आह्वान भी किया था। लंबे संघर्ष और सतत प्रयासों के बाद अब मंदिर भूमि का स्वामित्व देवस्थान को हस्तांतरित किए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

शिवभक्तों के आस्था की जीत

रविंद्र चव्हाण ने कहा, “पिंपळेश्वर मंदिर असंख्य शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है। मंदिर को उसकी अधिकारयुक्त भूमि मिले और श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए निरंतर प्रयास किए गए। भगवान महादेव की कृपा और जनता के समर्थन से यह संघर्ष सफल हुआ है। इसी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा समाज के सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना के उद्देश्य से इस शिवोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।” 8 जून को आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में भजन, कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान, सामूहिक प्रार्थना तथा शिवभक्तों की व्यापक सहभागिता देखने को मिलेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने डोंबिवली और आसपास के क्षेत्रों के सभी शिवभक्तों, नागरिकों एवं ग्रामवासियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने की अपील की है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड