पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में महाराष्ट्र का डोंबिवली बंद, अतुल मोने, संजय लेले, हेमंत जोशी की मौत से फूटा गुस्सा

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में डोंबिवली के तीन लोगों की जान जाने के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया है।

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Dombivali in Maharashtra
डोंबिवली बंद | Image: PTI / file photo

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में डोंबिवली के तीन लोगों की जान जाने के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया है। इस हमले के विरोध में (24 अप्रैल) को डोंबिवली पूरी तरह बंद है। शहर के सभी राजनीतिक दलों ने मिलकर बंद का आह्वान किया, जिसे स्थानय लोगों ने समर्थन दिया और बंद का समर्थन किया।

मिली जानकारी के मुताबिक, डोंबिवली में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों की दुकानें बंद रहीं। किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या हिंसा की खबर नहीं है। स्थानीय लोग स्वेच्छा से इस बंद में शामिल हुए और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई। बंद के दौरान कई जगहों पर लोग श्रद्धांजलि सभा में भी शामिल हुए।

डोंबिवली में पसरा मातम, इलाके के लोगों में गुस्सा 

पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने डोंबिवली शहर को गम में डुबो दिया है। इस हमले में डोंबिवली के तीन लोगों की मौत हुई है अतुल मोने, संजय लेले और हेमंत जोशी। तीनों ही अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के लिए कश्मीर गए थे, लेकिन अब उनकी घर वापसी कभी नहीं होगी।

पहलगाम हमले में  इन तीन लोगों की गई जान 

अतुल मोने अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी बेटी को सीए बनना था और हाल ही में उसकी 11वीं की परीक्षा खत्म हुई थी। परिवार अब सोच में है कि आगे उसका क्या होगा। अतुल की सास दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वाले चाहते हैं कि सरकार उनकी बेटी की पढ़ाई में मदद करे और हमलावरों को सख्त सजा दे।

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संजय लेले अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। वे समाजसेवी स्वभाव के व्यक्ति थे और अपने मोहल्ले में सभी के प्रिय थे। पड़ोसी बताते हैं कि वे बच्चों को पढ़ाते थे और कभी किसी से कोई झगड़ा नहीं किया। अब सवाल ये उठ रहा है कि उनकी पत्नी और बच्चों का भविष्य कौन संभालेगा।

हेमंत जोशी का परिवार कश्मीर घूमने गया था क्योंकि उनके बेटे की 10वीं की परीक्षा पूरी हुई थी। हेमंत सोसाइटी के सेक्रेटरी थे और हमेशा सबकी भलाई के लिए काम करते थे। लोग बताते हैं कि वे बेहद मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति थे।

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इन तीनों की मौत के बाद डोंबिवली में शोक और गुस्सा एक साथ है। बाजार बंद हैं, लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इलाके में मातम का माहौल है। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड