Last Road Of India: क्या आप जानते हैं भारत की आखिरी सड़क कहां खत्म होती है?
Last Road Of India: क्या आपने कभी सोचा है कि उस सड़क का अनुभव कैसा होगा जहां भारत की सीमा समाप्त होती है और चारों ओर केवल अनंत नीला समुद्र दिखाई देता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
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Last Road Of India: भारत रहस्यों से भरा देश माना जाता है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैली इस विशाल भूमि पर कई ऐसी जगहें हैं, जो अपनी खूबसूरती और इतिहास से हमें हैरान कर देती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत की आखिरी सड़क कौन सी है? ऐसा कौन सा प्वाइंट है जहां हिंदूस्तान का नक्शा खत्म हो जाता है। इसके बाद आपको दूर-दूर तक सिर्फ समुद्र ही दिख देगा। आइए जानते हैं।
भारत की आखिरी सड़क कहां है?
धनुषकोडी भारत और श्रीलंका के बीच एक अंतिम छोर है। इसे भारत की अंतिम सीमा माना जाता है। यहां की मुख्य सड़क सीधे समुद्र के मुहाने तक जाती है, जिसके बाद श्रीलंका की समुद्री सीमा शुरू हो जाती है। इसके एक तरफ बंगाल की खाड़ी है और दूसरी तरफ हिंद महासागर है।
इस शहर को कहा जाता है 'घोस्ट टाउन'
आज जिस धनुषकोडी को हम एक पर्यटन स्थल के रूप में देखते हैं, वह हमेशा से ऐसा नहीं था। 1964 से पहले यह एक समृद्ध शहर हुआ करता था। यहाँ रेलवे स्टेशन, चर्च, स्कूल और पोस्ट ऑफिस सब कुछ था। लेकिन 1964 के भीषण चक्रवात ने इस पूरे शहर को तहस-नहस कर दिया।
इस तूफान ने एक पूरी पैसेंजर ट्रेन को समुद्र में समा लिया था। उसके बाद से भारत सरकार ने इस शहर को रहने के लिए अनुपयुक्त घोषित कर दिया और इसे 'घोस्ट टाउन' का नाम दिया गया।
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इस अंतिम छोर में प्रभु श्रीराम का पदचिह्न
धनुषकोडी का धार्मिक महत्व भी अतुलनीय है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने रावण की लंका तक पहुँचने के लिए राम सेतु का निर्माण यहीं से शुरू किया था। कहा जाता है कि विभीषण के अनुरोध पर श्री राम ने अपने धनुष के एक सिरे से सेतु को तोड़ दिया था, जिसके कारण इसका नाम 'धनुषकोडी' पड़ा। धनुषकोडी की वह आखिरी सड़क सिर्फ एक रास्ता नहीं है, बल्कि वह इतिहास, अध्यात्म और प्रकृति के मिलन का प्रतीक है।