VIDEO: लोग मुझे निठल्ला कहते हैं...सांसद फंड खर्च ना होने पर कंगना रनौत ने अधिकारियों को लगाई फटकार, बोलीं- मुझसे अच्छी एक्टिंग तो आप लोग करते हो
हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शनिवार को अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि के फंड का इस्तेमाल नहीं होने पर कंगना भड़क गईं।
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हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने शनिवार को अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि के फंड का इस्तेमाल नहीं होने पर कंगना भड़क गईं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दिशा की बैठकें केवल औपचारिकता निभाने के लिए नहीं हैं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों को धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में सांसद ने नाराजगी जताते हुए बताया कि उनकी सांसद निधि में करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, लेकिन अधिकारियों ने केवल 50 लाख रुपये के आसपास ही खर्च किए हैं। उन्होंने बीडीओ स्तर के अधिकारियों से देरी पर सवाल जवाब किए और खर्च पर परफॉर्मेंस रिपोर्ट की मांग की।
सरकार फंड के इस्तेमाल पर जताई नाराजगी
सांसद ने सरकारी फंड के उपयोग पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाओं में केंद्र से धन मिलने के बावजूद कार्य आगे नहीं बढ़ रहे हैं। कहीं भूमि संबंधी विवाद तो कहीं अनुमति और एनओसी जैसी प्रक्रियाओं के कारण योजनाएं अटकी हुई हैं। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की विस्तृत सूची तैयार करने के निर्देश दिए।
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कंगना ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 40, 50, 60 और 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुके कार्यों की अलग-अलग सूची बनाई जाए तथा प्रत्येक परियोजना के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी लंबित कार्य की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
पूरे देश में मंडी की परफॉर्मेंस का मजाक बन रहा
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कंगना ने कहा कि देशभर में मंडी संसदीय क्षेत्र की कार्यप्रणाली को लेकर खबरें चल रही हैं कि सांसद ने 11 करोड़ रुपए दिए, लेकिन जमीन पर काम नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि खराब परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार कौन है। कंगना ने कहा कि वह राष्ट्रीय मीडिया के सामने अधिकारियों के वर्क एथिक को लेकर क्या जवाब दें।
फंड लेकर बैठे लोग, न जमीन-न परमिशन
कंगना ने आरोप लगाया कि कई लोगों ने फंड लेने के बावजूद काम शुरू नहीं किया। कुछ के पास जमीन या जरूरी परमिशन तक नहीं हैं और गलत या अधूरे दस्तावेजों के आधार पर फंड लिया गया। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे लोगों पर दबाव बनाकर जनता का पैसा वापस लेने को कहा। साथ ही कहा कि जिनके काम पूरे हो चुके हैं, उनका डेटा और खर्च भी सही तरीके से अपलोड नहीं किया जा रहा।
'क्या मैं इडियट की तरह पैसा देती जाऊं?'
कंगना ने कहा कि 11 करोड़ के फंड का बड़ा हिस्सा अब भी लंबित है और मंडी क्षेत्र में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए के कार्यों का बैकलॉग बना हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि पुराना पैसा और काम लंबित रहते हुए वह नए फंड कैसे जारी करती रहें। कंगना ने सवाल किया कि फंड की मॉनिटरिंग और अधूरे काम पूरे करवाना सांसद का काम है या प्रशासन का।
बैठक के अंत में कंगना रनौत ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “Enough is enough। मैं अपनी कार्य गति धीमी नहीं करूंगी। आपको मेरे साथ कदम मिलाकर चलना होगा। अब बैठकों में सिर्फ बातें नहीं, जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए।”