जेंडर चेंज करा बना किन्नर, नाबालिग से शादी...जलती चिता से मांस खाने वाली 'लेडी अघोरी' को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, तांत्रिक ने बताया बहुत कुछ

उज्जैन पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उसने जेंडर चेंज करवाकर काली अघोरी के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उज्जैन आकर डेरा जमा लिया।

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ujjain kali aghori become tansgender after gender change surgery
जेंडर चेंज करा बना किन्नर, नाबालिग से शादी...जलती चिता से मांस खाने वाली 'लेडी अघोरी' को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, तांत्रिक ने बताया बहुत कुछ | Image: Video Grab

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्मशान घाट में जलती चिता से मानव मांस खाने वाली स्वयंभू 'लेडी अघोरी' उर्फ काली नंद गिरी इन दिनों पुलिस की गिरफ्त में है। एक खौफनाक वीडियो वायरल होने के बाद वह अचानक सुर्खियों में आ गई। लेकिन जैसे-जैसे मामले की परतें खुल रही हैं, इस कथित अघोरी का एक बेहद चौंकाने वाला और विवादित अतीत सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स और शिकायतों के अनुसार, काली नंद गिरी पहले एक पुरुष थी और उस पर ठगी से लेकर जबरन शादी करने तक के कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

आपको बता दें कि हाल ही में काली नंद गिरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में वह जलती चिता के पास खड़ी थी, उसके हाथ में तलवार थी और वह चिता से शव के टुकड़े निकालकर कथित तौर पर खाने का दावा कर रही थी। साथ ही वह आम लोगों को चेतावनी देते हुए डरा भी रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज ने इसकी शिकायत पुलिस से की। जीवाजीगंज थाना पुलिस (CSP पुष्पा प्रजापति) ने तुरंत संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 301 (शव के साथ छेड़छाड़/अपमान) के तहत FIR दर्ज की। पुलिस ने काली नंद गिरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

जेंडर चेंज करवाकर बनी है किन्नर अघोरी

उज्जैन पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि उसने जेंडर चेंज करवाकर काली अघोरी के रूप में अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उज्जैन आकर डेरा जमा लिया। मीडिया से बात करते हुए विष्णुनाथ महाराज ने कहा कि उसने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कई अपराध किए हैं। उससे संबंधित फोटो और वीडियो भी हैं। वह पहले लड़का था। पुलिस में शिकायत विष्णुनाथ महाराज ने ही कराई थी। उनके आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

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विष्णुनाथ महाराज ने उससे संबंधित सारे दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। इसमें उस पर यह भी आरोप लगा है कि उसने शादी और तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर युवती से 10 लाख रुपए ठग लिए थे। युवती के साथ 2025 में अघोरी काली की तस्वीरें और वीडियो भी वायरल हुआ था।

विवादों का लंबा इतिहास: शादियां और धोखाधड़ी

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काली नंद गिरी का आपराधिक और विवादित रिकॉर्ड केवल उज्जैन तक सीमित नहीं है। दक्षिण भारत में इसके खिलाफ कई गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। साल 2025 में तेलंगाना में 'वर्षिणी' नाम की एक छात्रा के साथ इसकी शादी का वीडियो वायरल हुआ था। यह शादी मध्य प्रदेश के एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों (सात फेरे और मंगलसूत्र) के साथ हुई थी। बाद में वर्षिणी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि वह केवल आध्यात्मिक ज्ञान के लिए संपर्क में आई थी, लेकिन उस पर दबाव डालकर और धमकाकर जबरन शादी की गई।

इसके अलावा अप्रैल 2025 में ही एक दूसरी युवती ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा था कि अल्लूरी श्रीनिवास (काली नंद गिरी) ने 1 जनवरी को उससे शादी की थी और महज 12 दिन बाद ही उसने वर्षिणी से दूसरी शादी रचा ली।

10 लाख रुपये की तांत्रिक ठगी

तेलंगाना की एक महिला फिल्म निर्माता ने आरोप लगाया था कि परिवार को बुरी शक्तियों से बचाने और तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर इस लेडी अघोरी ने उससे 10 लाख रुपये ऐंठ लिए। पैसे वापस मांगने पर महिला को धमकियां दी गईं। पुलिस ने तकनीकी जांच और CCTV के आधार पर 22 अप्रैल 2025 को काली नंद की यूपी से गिरफ्तारी की थी।

मेडिकल जांच में बड़ा खुलासा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद अघोरी की सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई। रिपोर्ट में उसका मूल नाम श्रीनिवास और पुरुष होने का दावा किया गया। बताया गया कि उसने चेन्नई और इंदौर में जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी कराई थी। काली नंद गिरी पर करीमनगर में वित्तीय धोखाधड़ी और गंभीर शोषण के आरोपों में भी मामला दर्ज हुआ है।

अखाड़ों की राजनीति भी सामने आई

काली नंद गिरी खुद को किन्नर अखाड़े से जुड़ा और कई बार खुद को "महामंडलेश्वर" बताती रही है, जबकि अघोर अखाड़ा और नाथ संप्रदाय के पदाधिकारी इसे "पाखंड" करार देकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और स्थानीय साधु-संतों ने भी इस कृत्य को सनातन परंपरा का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। स्थानीय स्तर पर आरोपी को उज्जैन ज़िले से बाहर करने की मांग भी उठी है, जो अब पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुकी है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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