LPG के बाद अब नई क्राइसिस दे सकती है दस्तक! दुकानों से अचानक गायब हो रहा स्टॉक, जानें क्या है ये नया संकट?
Diet Coke Beer Shortage: भारत के बड़े शहरों में गर्मी के बीच डाइट कोक और बीयर की भारी कमी देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव के चलते एल्युमीनियम कैन की सप्लाई बाधित होना और कच्चे माल की बढ़ती कीमतें हैं।
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Diet Coke and Beer Shortage: इस चिलचिलाती गर्मी में जब हर किसी को एक ठंडी ड्रिंक की तलाश होती है, तब अचानक दुकानों और क्विक कॉमर्स ऐप्स से 'डाइट कोक', बीयर और कई तरह की कैन वाली ड्रिंक्स गायब होती दिख रही हैं। मुंबई, दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और पुणे जैसे बड़े शहरों में अगर आप भी अपनी मनपसंद कोल्ड ड्रिंक या बीयर ढूंढ रहे हैं, तो इन दिनों अक्सर आपको 'आउट ऑफ स्टॉक' का मैसेज मिल रहा होगा। यह कोई मामूली स्टॉक की कमी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा वैश्विक संकट है जो सीधे हमारे डेली लाइफस्टाइल को प्रभावित कर रहा है।
एल्युमिनियम की उपलब्धता पर असर
इस संकट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच की तनातनी है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने वैश्विक सप्लाई चेन को बुरी तरह हिला कर रख दिया है, जिसका असर एल्युमिनियम की उपलब्धता पर पड़ा है। एल्युमिनियम का उपयोग ड्रिंक्स के लिए कैन बनाने में होता है, और तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख शिपिंग रूट प्रभावित हुए हैं, जिससे कच्चा माल भारत तक नहीं पहुंच पा रहा है। 'वुड मैकेंजी' की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के चलते दुनिया भर में एल्युमिनियम की प्रोडक्शन क्षमता पर गहरा असर पड़ा है और इसकी कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
बढ़ सकती हैं कैन वाले प्रोडक्ट की कीमतें
डाइट कोक जैसे ड्रिंक्स पर इसका असर सबसे ज्यादा इसलिए दिख रहा है क्योंकि ये मुख्य रूप से कैन में ही आते हैं, जबकि दूसरी कोल्ड ड्रिंक्स कांच या प्लास्टिक की बोतलों में भी मिल जाती हैं। कैन बनाने वाली कंपनियों को कच्चा माल समय पर नहीं मिल रहा है, और जो सप्लाई मिल भी रही है, वह अब काफी महंगी हो गई है। कंपनियां अब संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे देशों से कैन मंगवा रही हैं, जो पहले के मुकाबले 25 से 30 प्रतिशत तक महंगे हैं। यही कारण है कि अब सिर्फ सप्लाई की कमी ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में इनकी कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
महंगी हो सकती हैं ड्रिंक्स!
एल्युमिनियम के अलावा, ग्लास की बोतलें बनाने वाली कंपनियों के सामने भी चुनौतियां खड़ी हैं। कांच की बोतलें बनाने वाली भट्टियों (furnaces) के लिए LPG की जरूरत होती है और उसकी सप्लाई में भी बाधाएं आ रही हैं। पैकेजिंग मटेरियल की बढ़ती लागत का सीधा बोझ अब कंपनियों पर पड़ रहा है, जो धीरे-धीरे उपभोक्ता तक भी पहुंचेगा।
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ऐसे में अगर आप अपनी पसंदीदा ड्रिंक के लिए दुकानों के चक्कर काट रहे हैं, तो यह मानकर चलिए कि यह समस्या कुछ समय तक बनी रह सकती है। फिलहाल बाजार में कैन वाली ड्रिंक्स की भारी किल्लत है और लोग सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे गर्मी का सबसे बड़ा 'सप्लाई संकट' बता रहे हैं।
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