धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, CJP का प्रोटेस्ट खत्म और फिर... PM मोदी के मास्टरस्ट्रोक से विपक्ष का पूरा प्लान धराशायी, दिनभर क्या-क्या हुआ?
शनिवार का दिन देश की राजनीति और शिक्षा जगत, दोनों के लिए बेहद उथल-पुथल भरा रहा। NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर पिछले 37 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया।
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शनिवार का दिन देश की राजनीति और शिक्षा जगत, दोनों के लिए बेहद उथल-पुथल भरा रहा। NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियों को लेकर पिछले 37 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान किया, और इसके ठीक पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
दिनभर की घटनाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। सुबह जहां प्रधान के इस्तीफे की खबर ने विपक्ष को हमलावर होने का मौका दिया, वहीं शाम होते-होते सरकार ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाकर एक तरह से विपक्ष की रणनीति को ही पलट दिया।
धरना खत्म, सरकार और CJP आमने-सामने
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने घंटों तक CJP प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ बातचीत की। इसी बातचीत के बाद हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में धरना समाप्त करने का ऐलान हुआ।
सौरव दास ने मीडिया से कहा कि पार्टी ने अच्छी नीयत के साथ, और सरकार की ओर से तय समय-सीमा में मांगें पूरी किए जाने के भरोसे पर आंदोलन वापस लिया है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान साथ आई राजनीतिक पार्टियों का भी आभार जताया, हालांकि यह भी साफ किया कि यह लड़ाई किसी क्रेडिट के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के लिए लड़ी गई थी।
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सरकार ने मानीं सभी मांगें
- किसी भी प्रदर्शनकारी छात्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, और अब तक दर्ज हुई FIR वापस ली जाएंगी। सौरव दास के मुताबिक अकेले दिल्ली में ही 15 से 20 FIR दर्ज हुई थीं, और सरकार ने तीन-चार दिनों के भीतर इनकी कॉपी सौंपने का भरोसा दिया है।
- पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह ऐलान आशुतोष रंका और जेपी नड्डा ने संयुक्त रूप से किया।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जो पहले ही हो चुका था।
CJP की ओर से यह भी कहा गया कि चार हफ्ते बाद उनके प्रतिनिधि दोबारा केंद्रीय मंत्रियों से मिलेंगे, जिसमें देश की परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने पर आगे की चर्चा होगी।
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प्रधान का इस्तीफा और PM मोदी का दांव
बढ़ते दबाव और लगातार तेज होते प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया। इससे पहले सरकारी सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा था कि प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे, जिससे उनके पद छोड़ने की खबर ने सबको चौंका दिया।
लेकिन असली चौंकाने वाला कदम इसके कुछ ही घंटों बाद आया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। जोशी अपने मौजूदा मंत्रालय के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तेज फैसले ने विपक्ष को तैयारी का मौका ही नहीं दिया। जहां चर्चा इस बात पर थी कि नया मंत्री कौन होगा और मंत्रालय राज्य मंत्रियों के हवाले होगा या सीधे प्रधानमंत्री के अधीन रहेगा, वहीं सरकार ने कुछ ही घंटों में नियुक्ति करके अटकलों पर विराम लगा दिया।
सोमवार को संसद में पेश होगा नया विधेयक
इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पेश करने जा रही है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को पेश करने की अनुमति मांगेंगे।
NEET-UG 2026 परीक्षा में सामने आई बड़ी गड़बड़ियों के मद्देनजर लाया जा रहा यह बिल सात अहम संशोधन प्रस्तावित करता है, जिनका उद्देश्य मौजूदा कानून की खामियां दूर करना, विशेष न्यायिक व्यवस्था तैयार करना और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े आपराधिक मामलों में तेजी लाना है।