छावनी में तब्दील हुई दिल्ली... BRICS Summit में पुतिन-जिनपिंग के लिए 4-लेयर सिक्योरिटी; मेहमानों के स्वागत के लिए दुल्हन की तरह सजी राजधानी
राजधानी दिल्ली में 11, 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। इस आयोजन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य वैश्विक नेताओं के लिए अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सुरक्षा टीम के साथ दिल्ली पुलिस, कमांडो और अर्धसैनिक बल तैनात होंगे। इतना ही नहीं, एयरपोर्ट से होटल और भारत मंडपम तक पूरे रूट पर हाई अलर्ट रहेगा।
- भारत
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राजधानी दिल्ली 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह से सज-धज कर तैयार है। इस वैश्विक आयोजन से पहले सेंट्रल दिल्ली समेत पूरी राजधानी को आकर्षक पोस्टरों, बैनरों और रोशनी से सजाया गया है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं के दिल्ली आगमन को देखते हुए सुरक्षा के ऐसे अभेद्य और चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके।
होटलों से लेकर आयोजन स्थल तक कड़ा पहरा
राष्ट्राध्यक्षों के काफिले सम्मेलन में सबसे बड़े होंगे। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर उनके होटलों और मुख्य आयोजन स्थल 'भारत मंडपम' तक की सुरक्षा हाई अलर्ट पर रखी गई है। वीवीआईपी मूवमेंट वाले इन सभी इलाकों को पूरी तरह से एक सुरक्षित छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पुतिन के लिए तैयार हुआ चार स्तरीय सुरक्षा 'चक्रव्यूह'
रूसी राष्ट्रपति की विशिष्ट सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए होटल मौर्या में चार परतों वाला एक अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाया गया है। इसमें क्लॉज प्रोटेक्शन टीम (CPT) तैनात रहेगी, जो हर पल पुतिन के बेहद करीब रहकर उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। यहां दिल्ली पुलिस के अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी मोर्चा संभालेंगे।इस घेरे में दिल्ली पुलिस के घातक कमांडो और अत्याधुनिक हथियारों से लैस अर्धसैनिक बलों के जवान मुस्तैद रहेंगे। होटल के बाहर और आसपास की ट्रैफिक तथा बाहरी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस की होगी। इन सबके अलावा, राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनके अपने 25-30 विशेष रूसी कमांडो की टीम भी हर वक्त साये की तरह उनके साथ मौजूद रहेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के हाथ सुरक्षा की कमान
ब्रिक्स देशों के नेता जिन भी होटलों में ठहरेंगे, वहां की समग्र सुरक्षा का जिम्मा 'स्पेशल कमिश्नर क्राइम' स्तर के अधिकारियों को सौंपा गया है। वहीं, मुख्य आयोजन स्थल भारत मंडपम की सुरक्षा व्यवस्था 'स्पेशल कमिश्नर स्पेशल सेल' के नेतृत्व में रहेगी। पूरी दिल्ली को अलग-अलग सुरक्षा सेक्टरों में बांटकर हर हिस्से की जिम्मेदारी डीसीपी और एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारियों को दी गई है ताकि रूट पर भी पैनी नजर रखी जा सके।
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क्या है ब्रिक्स सम्मेलन का मुख्य एजेंडा?
इस अहम शिखर सम्मेलन की शुरुआत 12 सितंबर को मुख्य बैठक के साथ होगी। इसमें सभी सदस्य देश राजनीति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक सहयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अगले दिन, 13 सितंबर को ब्रिक्स की विस्तारित बैठक का आयोजन होगा, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के अलावा अन्य आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भी शामिल होंगे। इस महामंथन के अंत में कई अहम समझौतों के दस्तावेजों पर मुहर लगने की उम्मीद है। इस दौरान पुतिन और अन्य वैश्विक नेताओं के बीच कई अहम द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी।
दुल्हन सी सजी देश की राजधानी
18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के ऐतिहासिक आयोजन के लिए दिल्ली को एक नई नवेली दुल्हन की तरह सजाया गया है। दुनिया के शीर्ष नेताओं के भव्य स्वागत के लिए पूरी राजधानी में एक उत्सवी और आकर्षक माहौल तैयार किया गया है। नई दिल्ली इलाके, खासतौर पर वीवीआईपी रूट्स, होटलों और मुख्य आयोजन स्थल 'भारत मंडपम' के आसपास की सड़कों को रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक पौधों और ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका आदि के राष्ट्रीय झंडों से पाट दिया गया है। एयरपोर्ट से लेकर सेंट्रल दिल्ली तक हर प्रमुख मार्ग पर व्लादिमीर पुतिन, शी जिनपिंग और अन्य राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत के लिए विशाल होर्डिंग्स, कटआउट और डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधियों का स्वागत करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में जनपथ में विंडसर प्लेस के आसपास रोशनी और सजावटी रोशनी की संरचनाओं को दिखाया.