Delhi Blast: आतंकी मुजम्मिल गनई को विदेशी हैंडलर्स हंजुल्लाह ने भेजे थे बम बनाने के 42 वीडियो! लाल किला धमाके को लेकर बड़ा खुलासा
दिल्ली में बीते 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए भीषण धमाके के पीछे अब एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का खुलासा हो रहा है। इस धमाके में 15 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे।
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दिल्ली में बीते 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए भीषण धमाके के पीछे अब एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का खुलासा हो रहा है। इस धमाके में 15 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। फिदायीन हमलावर उमर नबी भी इसी धमाके में मारा गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह हमला कथित तौर पर “व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल” ने अंजाम दिया था, जिसमें डॉक्टर और शिक्षित प्रोफेशनल शामिल थे।
इस मॉड्यूल के प्रमुख सदस्य डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई को घटना से ठीक पहले गिरफ्तार किया गया था। उसके ठिकानों से करीब 2500 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जिसमें 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जांच में खुलासा हुआ है कि डॉ. गनई को तीन विदेशी हैंडलर्स हंजुल्लाह, निसार और उकासा के संपर्क में लाया गया था। माना जा रहा है कि ये नाम नकली हो सकते हैं और इन व्यक्तियों की असली पहचान छिपाई गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हंजुल्लाह ने ही इनक्रिप्टेड ऐप्स के जरिए गनई को बम बनाने से जुड़े 42 वीडियो भेजे थे। इन्हीं तकनीकों का इस्तेमाल गनई और उसके साथी उमर नबी ने दिल्ली धमाके में किया।
डॉ. गनई, राथर और उमर ने सीरिया के आतंकी से की थी मुलाकात
सुरक्षा एजेंसियों को अब पता चला है कि 2022 में डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. मुजफ्फर राथर और डॉ. उमर नबी को तुर्की में सीरिया के एक आतंकी समूह के सदस्य से मिलवाया गया था। यह मुलाकात पाकिस्तानी हैंडलर्स की मदद से कराई गई थी, जिससे इस मॉड्यूल को आतंकवादी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित और निर्देशित किया जा सके।
एनआईए ने अब गनई के अलावा डॉ. अदील अहमद राथर, शाहीन सईद और मुफ्ती इरफान अहमद को भी हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन जैश-ए-मोहम्मद के महिला विंग से जुड़ी हुई थी। एजेंसियां अब इन सभी की विदेशी कड़ियों और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही हैं ताकि इस मॉड्यूल के व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।