दिल्ली में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को अब नहीं होगी परेशानी, CM रेखा गुप्ता ने 'दुर्गा' योजना का किया बड़ा ऐलान, सड़कों पर दौड़ेंगे पिंक ऑटो
दिल्ली सरकार ने राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वूमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो यानी ‘दुर्गा’ (DURGA) योजना को स्वीकृति दे दी गई।
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दिल्ली सरकार ने राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वूमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो यानी ‘दुर्गा’ (DURGA) योजना को स्वीकृति दे दी गई।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को इलेक्ट्रिक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर मिलेगा। योजना का उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ महिलाओं की सुरक्षा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की परिवहन क्षेत्र में भागीदारी, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और स्वच्छ एवं टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है।
सशक्त और सुरक्षित परिवहन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें सुरक्षित परिवहन से जोड़ना दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘दुर्गा’ योजना इसी दिशा में अहम पहल है। इसके अंतर्गत महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति इलेक्ट्रिक ऑटो के मालिक और चालक बन सकेंगे। इससे एक ओर उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को विशेष रूप से सुबह के शुरुआती घंटों और देर शाम के समय आवागमन तथा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ‘दुर्गा’ योजना को इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए सम्मानजनक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
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पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘दुर्गा’ योजना के पहले चरण में 1,300 गुलाबी रंग के इलेक्ट्रिक ऑटो पंजीकृत करने का प्रस्ताव है। इनमें 1,170 इलेक्ट्रिक ऑटो महिलाओं के लिए और 130 इलेक्ट्रिक ऑटो ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए होंगे। महिलाओं के लिए प्रत्येक राजस्व जिले में अधिकतम 90 इलेक्ट्रिक ऑटो और ट्रांसजेंडर लाभार्थियों के लिए प्रत्येक राजस्व जिले में अधिकतम 10 इलेक्ट्रिक ऑटो तक की सीमा रखी गई है।
कैसे करें आवेदन
आवेदक योजना के लिए बनाए गए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। योजना का लाभ निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले आवेदकों को मिलेगा।
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तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को नहीं मिलेंगे ये पिंक ऑटो
दुर्गा योजना में महिलाओं के लिए 20 से 40 वर्ष की आयु, दिल्ली का निवासी होना, वैध मतदाता पहचान पत्र, एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस और पीएसवी बैज जैसी शर्तें रखी गई हैं। तीन से अधिक बच्चों वाली महिला इस योजना की पात्र नहीं मानी जाएगी। महिला आवेदक या उसके परिवार के पास कोई पंजीकृत परिवहन वाहन या थ्री-व्हीलर नहीं होना चाहिए तथा वित्त वर्ष 2025-26 में परिवार की आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी वैध ट्रांसजेंडर प्रमाण-पत्र, 20 से 40 वर्ष की आयु, दिल्ली का निवासी होना, वैध मतदाता पहचान पत्र, एलएमवी लाइसेंस और पीएसवी बैज अनिवार्य होंगे।
3 साल तक नहीं बेच सकेंगे
दुर्गा योजना के तहत ई-ऑटो पर तीन वर्ष की अनिवार्य लॉक-इन अवधि होगी। इस अवधि में वाहन को बेचा, हस्तांतरित या अन्य तरीके से निस्तारित नहीं किया जा सकेगा। योजना को सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए भी विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है। डीएमआरसी ने बताया है कि 70 मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग में पहले से ही ईवी चार्जिंग सुविधाओं के लिए स्थान उपलब्ध कराया जा चुका है।
यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। करीब 1,300 ई-ऑटो के संचालन से मरम्मत कार्यशालाओं, सर्विसिंग, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसी सेवाओं में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
विशेष पहचान वाले होंगे ‘दुर्गा’ ई-ऑटो
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि योजना के तहत चलने वाले इलेक्ट्रिक ऑटो पर ‘दुर्गा’ ब्रैंडिंग और पहचान संबंधी विशेषताएं होंगी। इससे इन वाहनों को आसानी से पहचाना जा सकेगा और यात्रियों का इन वाहनों के प्रति भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ‘दुर्गा’ योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ दिल्ली के स्वच्छ परिवहन के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाएगी।