ट्रांसप्लांट के मास्टरमाइंड रसल ने पहले अपनी किडनी डोनेट की थी...कैसे चलता था रैकेट? हुआ बड़ा खुलासा

Delhi News: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा किया है।

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Delhi kidney Transplant
इंटरनेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा | Image: PTI

New Delhi: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने इंटरनेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा किया है। अब इस मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रांसप्लांट के मास्टरमाइंड रसल ने पहले अपनी किडनी डोनेट की थी।

आपको बता दें कि क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित गोयल ने कहा था, "एक अंतरराष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण रैकेट के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस रैकेट का मास्टरमाइंड एक बांग्लादेशी था। डोनर और रिसीवर दोनों बांग्लादेश से थे। हमने रसेल नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो रोगियों और डोनर की व्यवस्था करता था और प्रत्यारोपण में शामिल महिला डॉक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।"

कैसे चलता था रैकेट?

सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि 2019 में गैंग का मास्टरमाइंड रसल मेडिकल वीजा पर भारत आया था। वीजा खत्म होने से पहले ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रसल बार-बार मेडिकल वीजा लिया करता था। किडनी रैकेट को समझने के लिए सबसे पहले रसल (मास्टरमाइंड) ने अपनी किडनी अपने एक जानकार को डोनेट की थी। रसल की किडनी ट्रांसप्लांट करने वाली महिला डॉ विजया राजकुमारी ही थी, जिसने बाकी बांग्लादेशी मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की थी। रसल ने अपनी किडनी डोनेट करते समय तमाम बातों का ध्यान रखा कि विदेश से आए मरीजों के हॉस्पिटल में पूरी तरफ दस्तावेज वेरिफाई नहीं होते हैं।

रसल ने अपनी किडनी नोएडा के हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट करवाई थी, जिसके बाद रसल महिला डॉ विजया के संपर्क में आया था, जिसके बाद उसने किडनी ट्रांसप्लांट करने का प्लान किया और बांग्लादेश से डोनर और मरीजों को लाना शुरू कर दिया।

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ये था मामला

महिला डॉक्टर, जो वर्तमान में दक्षिण-पूर्व दिल्ली के एक प्रमुख अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन है, ने कथित तौर पर 2021 और 2023 के बीच बांग्लादेशी नागरिकों की सर्जरी की। उसने कथित तौर पर नोएडा स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में सर्जरी की, जहां वह विजिटिंग कंसल्टेंट थी। इसके अलावा उसके सहायक और तीन बांग्लादेशी नागरिकों सहित चार अन्य को गिरफ्तार किया गया। ये गिरफ्तारियां पिछले दो सप्ताह में हुईं। बताया गया था कि गिरोह प्रति ट्रांसप्लांट 25-30 लाख रुपये वसूलता था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह ऑर्गन ट्रांसप्लांट रैकेट 2019 से सक्रिय है।

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Published By:
 Kunal Verma
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