गंदा काम लेकिन जेल में फल की डिमांड! पूछताछ में इधर-उधर की बातें कर रहा चैतन्यानंद, यौन उत्पीड़न के मामले को बता रहा साजिश
चैतन्यानंद यौन शोषण कांड में बाबा से पूछताछ की गई लेकिन उन्होंने कोऑपरेशन नहीं किया। उसके बाद लॉकअप में कई मांग की। इसके अवाला मामले में नई परतें खुलती जा रही है, पहले बाथरूम में कैमरे फिर फर्जी कार्ड्स तक... जानें पुलिस को क्या क्या मिला?
- भारत
- 4 min read

Swami Chaitanyanand Saraswati: दिल्ली में वसंत कुंज के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRIIMR) में यौन शोषण के गंभीर आरोपों से घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी की गिरफ्तारी के बाद जांच में नई परतें खुलती जा रही है। एक-एक करके स्वामी चैतन्यानंद के बारे में नए खुलासे हो रहे हैं। पहले गर्ल्स हॉस्टल में कैमरे, फिर फर्जी कार्ड्स और अब बाबा का पूछताछ में 'नो कोऑपरेशन'। हिरासत में आने के बाद भी बाबा की ड्रामेबाजी कम नहीं हो रही। कभी सेहत का हवाला तो कभी फल खाने और ध्यान लगाने की मांग।
55 दिनों तक फरार स्वामी चैतन्यानंद को 27 सितंबर की रात आगरा से गिरफ्तार किया गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को उन्हें 5 दिनों की पुलिस हिरासत मंजूर की, लेकिन वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में पूछताछ के दौरान बाबा ने सहयोग नहीं किया।
गरीब छात्राओं को बनाता था निशाना
पुलिस ने बताया कि, चैतन्यानंद आरोपों को निराधार बताते हुए टालमटोल कर रहे हैं। यह मामला 16-17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न से जुड़ा है, जहां आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर EWS कोटे की छात्राओं को निशाना बनाया। पुलिस ने बताया कि संस्थान पर उनका पूर्ण नियंत्रण था और उन्होंने अपने करीबियों को बड़े पद सौंपे थे।
होटल से रातोंरात गिरफ्तार… फिर फर्जी कार्ड के खुलासे
भगोड़ा आरोपी स्वामी चैतन्यानंद आगरा के एक होटल में रूका हुआ था। शनिवार को शाम 4 बजे होटल पहुंचे, चैतन्यानंद रात 3:30 बजे सो रहे थे, जब दिल्ली क्राइम ब्रांच के 2 इंस्पेक्टरों ने उन्हें पकड़ा। रिसेप्शनिस्ट ने पुष्टि की कि उन्होंने खुद को 'पार्थ सारथी' बताया था और कोई विजिटर नहीं आया। गिरफ्तारी के बाद सफदरजंग अस्पताल में मेडिकल जांच हुई, फिर कोर्ट में पेशी। उनके पास UN के स्थायी राजदूत और ब्रिक्स संयुक्त आयोग के सदस्य के फर्जी विजिटिंग कार्ड्स बरामद हुए, जो छात्राओं को विदेश यात्रा का लालच देने के लिए इस्तेमाल होते थे।
Advertisement
बाथरूम में लगे कैमरों की बात सुनकर छाया सन्नाटा
पुलिस की जांच में सामने आया कि, गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में गुप्त कैमरे लगे थे, जो आरोपी के मोबाइल से जुड़े थे। वे नई छात्राओं की वीडियो देखकर शिकार चुनते थे। पूछताछ में 16 छात्राओं ने यौन शोषण कबूल किया। तीन महिला वार्डन और फैकल्टी उनकी मदद करती रहीं। अश्लील मैसेज ('बेबी', 'आई लव यू') भेजवाते, चैट्स डिलीट करवाते और चुप रहने का दबाव डालते। इतना ही नहीं, देर रात कमरों में बुलाकर कम ग्रेड की धमकी दी जाती थी। 32 छात्राओं से पूछताछ हुई, जिनमें 17 ने शिकायत दर्ज कराई।
कोर्ट में दी गई बचाव पक्ष की दलीलें खारिज
पटियाला हाउस कोर्ट में पुलिस ने लंबी हिरासत मांगी, जबकि वकील ने स्वास्थ्य (शुगर) और 'साधु' छवि का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सभी बयान दर्ज हैं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हो चुके। लेकिन कोर्ट ने 5 दिन की कस्टडी दी। सुनवाई में बाथरूम कैमरों का खुलासा सुनकर सन्नाटा छा गया।
Advertisement
पूछताछ में बाबा क्या बोला? फलाहार की मांग
पुलिस स्टेशन पहुंचते ही बाबा ने शाम को फल, पानी की मांग की, जो उपलब्ध कराया गया। डीसीपी, एसीपी स्तर की 2 घंटे की पूछताछ में पासवर्ड या वार्डनों पर कुछ नहीं बोले। उसके बाद लॉकअप में रखा गया जहां CCTV से निगरानी की गई, वहां चादर और कंबल थे और 2 पुलिसकर्मी तैनात थे।
आरोपी पर 2009 में डिफेंस कॉलोनी (धोखाधड़ी-छेड़छाड़) और 2016 में वसंत कुंज में छेड़छाड़ के मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस अब उत्तराखंड-हरियाणा में छापेमारी कर रही है। एनसीआरबी डेटा के मुताबिक, ऐसे मामलों में गैर-सहयोग सजा बढ़ाता है। यह घटना शिक्षा संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। इसके साथ ही पीड़िताओं से अपील की जा रही हैं कि वह सामने आएं। इसके अलावा जांच में डिजिटल रिकवरी पर फोकस किया जा रहा है।